Bihar News : हनुमान चालीसा के गान से गूंज उठा अशोक धाम… मोरारी बापू की ओजस्वी वाणी में डूबे हजारों श्रद्धालु!
लखीसराय जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल अशोक धाम मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय मानस श्रृंगीऋषि राम कथा के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। रविवार को सुबह से ही हजारों श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचने लगे और पूरा परिसर “जय सिया राम” व “हनुमान की जय” के जयघोष से गूंज उठा।

Bihar News : श्रृंगीऋषि की धरती से बही रामकथा की गंगा, मोरारी बापू ने नाम दिया ‘मानस श्रृंगीऋषि कथा!
राष्ट्रसंत श्री मोरारी बापू ने अपने निर्धारित समय पर आसन ग्रहण कर हनुमान चालीसा वंदन के साथ द्वितीय दिवस की कथा का शुभारंभ किया। उनकी ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण प्रवचन से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। बापू ने कहा कि मानस मातृमयी सद्ग्रंथ है और श्रीराम की महिमा का मूल्यांकन असंभव है। उन्होंने बताया कि रामायण पुरुष प्रधान नहीं, बल्कि स्त्री प्रधान ग्रंथ है और इसमें मातृशक्ति का विशेष महत्व है।

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कथा के दौरान मोरारी बापू ने श्रृंगीऋषि की तपोभूमि, बालकांड की महत्ता, पंचकन्या का महत्व और भक्ति के तत्वों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कर्मकांड में भक्ति का समावेश जरूरी है, क्योंकि भक्ति जीवन को जीवंत बनाती है। हनुमान जी की भक्ति, माता जानकी की कृपा और बुद्धि की शुद्धता पर उनके विचारों ने श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया।

मानस श्रृंगीऋषि कथा में सूबे के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र सहित अन्य विशिष्ट अतिथि भी शामिल हुए। सभी ने मोरारी बापू के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल एवं स्वच्छता की व्यापक व्यवस्था की गई है।

उल्लेखनीय है कि मानस श्रृंगीऋषि राम कथा का आयोजन 03 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से 1:30 बजे तक किया जाएगा। यह कथा श्रृंगीऋषि की तपोभूमि पर आधारित है, जिसे स्वयं मोरारी बापू ने “मानस श्रृंगीऋषि राम कथा” की संज्ञा दी है। द्वितीय दिवस पर ही श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को दर्शा दिया।

कृष्णदेव प्रसाद यादव, लखीसराय.






