शेखपुरा: जिला नगर परिषद क्षेत्र के लालबाग मोहल्ले में पहाड़ी की ऊंची चोटी पर स्थित प्रसिद्ध मां चामुंडा मंदिर परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था और पर्यटन विकास की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद को औपचारिक पत्र सौंपकर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पूरे क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की गई है।
हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है मां चामुंडा मंदिर
मां चामुंडा मंदिर शेखपुरा जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां प्रत्येक मंगलवार और विशेष धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। शेखपुरा के अलावा जमुई और आसपास के अन्य क्षेत्रों से भी भक्त मंदिर में पूजा-अर्चना करने आते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पहाड़ी पर पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी
पहाड़ी की ऊंची चोटी पर स्थित होने के कारण मंदिर परिसर में पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं होने की समस्या सामने आई है। इसके चलते श्रद्धालुओं को विशेषकर गर्मी के मौसम में पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। नियमित रूप से मंदिर आने वाले भक्तों के साथ-साथ अन्य दर्शनार्थियों को भी इस समस्या का सामना करना पड़ता है।
पत्र के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि मंदिर परिसर तक पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिल सके। इसके लिए स्थायी जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
धार्मिक स्थल के साथ पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग
मां चामुंडा मंदिर के आसपास का पहाड़ी क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। स्थानीय स्तर पर इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। यदि यहां आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाए, तो श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सकता है।
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पेयजल, साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, पथ-प्रकाश, स्ट्रीट लाइट तथा यात्रियों के लिए अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इन व्यवस्थाओं से मंदिर आने वाले लोगों को सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र के विकास को भी बढ़ावा मिल सकता है।
प्रशासन से त्वरित पहल की उम्मीद
मंदिर परिसर में सुविधाओं के विस्तार और पहाड़ी क्षेत्र के पर्यटन विकास को लेकर जिला प्रशासन से शीघ्र पहल करने की अपील की गई है। अब श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर है।
हालांकि, पेयजल व्यवस्था और पर्यटन विकास से जुड़ी मांगों पर प्रशासन की ओर से किसी निर्णय, स्वीकृति या कार्य शुरू होने की आधिकारिक जानकारी सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मंदिर परिसर में सुविधाओं का विस्तार प्रशासनिक पहल और संबंधित योजनाओं की स्वीकृति पर निर्भर करेगा।
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