साहेबगंज, झारखंड: झारखंड के साहेबगंज जिले से प्रेम, रिश्ते और पारिवारिक फैसले से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां अपनी पत्नी के दूसरे युवक से प्रेम संबंध की जानकारी होने के बाद पति ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। करीब 10 वर्षों तक पत्नी के साथ वैवाहिक जीवन बिताने वाले पति ने आखिरकार पत्नी की इच्छा को स्वीकार करते हुए गांव में ही उसकी शादी उसके प्रेमी से करवा दी। इस रिश्ते से दंपती के दो बेटे भी हैं।
मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र के महादेव बरन गांव का मामला
यह पूरा मामला साहेबगंज जिले के मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र के महादेव बरन गांव का बताया जा रहा है। यहां अशोक मोहाली ने अपनी पत्नी पूनम देवी की शादी पड़ोस में रहने वाले करण मोहाली से करवा दी। खबर के मुताबिक, अशोक और पूनम की शादी करीब 10 साल पहले हुई थी। दोनों के परिवार में दो बेटे कन्हाई मोहाली, जिसकी उम्र करीब 9 वर्ष है, और जिगर मोहाली, जिसकी उम्र करीब 7 वर्ष है।
पड़ोस में रहने वाले युवक से बढ़ीं नजदीकियां
बताया जाता है कि शादी के कुछ वर्षों बाद पूनम देवी की नजदीकियां पड़ोस में रहने वाले करण मोहाली से बढ़ने लगीं। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद भी हुआ। खबर के अनुसार, मामला एक बार पंचायत और थाने तक भी पहुंचा था। उस समय पूनम ने दोबारा ऐसा नहीं करने का भरोसा दिया था। हालांकि, बाद में दोनों के रिश्ते को लेकर फिर विवाद सामने आया।
पत्नी ने प्रेमी के साथ रहने का लिया फैसला
रिपोर्ट के मुताबिक, पूनम देवी ने आखिरकार अपने पति से अलग होकर करण मोहाली के साथ विवाह करने का फैसला किया। इसके लिए उसने कोर्ट के स्टांप पेपर पर अलग होने से संबंधित हस्ताक्षर भी किए। इसके बाद गांव के लोगों की मौजूदगी और सहयोग से अशोक मोहाली ने पत्नी की शादी उसके प्रेमी के साथ करवा दी।
पति ने खुद कराई शादी, इलाके में चर्चा
इस घटना की सबसे खास बात यह रही कि अशोक मोहाली ने अपनी पत्नी को प्रेमी के साथ विवाह करते हुए खुद देखा और शादी की प्रक्रिया में सहयोग किया। रिपोर्ट के अनुसार, गांव में ही करण मोहाली ने पूनम देवी की मांग में सिंदूर भरा। इस तरह करीब एक दशक तक साथ रहे पति-पत्नी के रास्ते अलग हो गए।
दो बच्चों के भविष्य पर भी उठे सवाल
इस मामले में दंपती के दो छोटे बेटों का भविष्य भी एक अहम पहलू है। माता-पिता के रिश्ते में आए इस बदलाव का बच्चों की जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा और आगे उनकी देखभाल की जिम्मेदारी किस तरह तय होगी, इस बारे में उपलब्ध रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
फिलहाल, साहेबगंज के इस मामले को लेकर इलाके में चर्चा है। हालांकि, वैवाहिक अलगाव और विवाह से जुड़ी कानूनी स्थिति के बारे में उपलब्ध जानकारी सीमित है। इसलिए इसे केवल सामाजिक रूप से हुए फैसले के रूप में देखना उचित होगा, जब तक इससे संबंधित अन्य तथ्य सामने न आएं।
ये खबर भी पढ़े: गया में जमीन विवाद पर बवाल; 50 से ज्यादा नकाबपोशों पर बमबाजी और फायरिंग का आरोप!