मुंबई/कोटा: अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक, वारदात में शामिल आरोपियों को कथित तौर पर 35 हजार रुपये देने और विदेश में नौकरी दिलाने का लालच दिया गया था। पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद आरोपी मुंबई से निकलकर सूरत पहुंचे और फिर ट्रेन से कोटा की ओर रवाना हुए, जहां उन्हें पकड़ लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट में कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम के हवाले से बताया गया है कि शुरुआती जांच में रेहान को अनिल पंडित से जोड़ने वाली कड़ी सामने आई है। आरोप है कि करीब डेढ़ महीने पहले समीर के जरिए रेहान की अनिल पंडित से बातचीत कराई गई थी। इसके बाद कथित तौर पर 35 हजार रुपये और विदेश भेजने का प्रस्ताव दिया गया। हालांकि, इस मामले में आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अदालत में साबित होना बाकी है।
35 हजार रुपये और विदेश भेजने का कथित ऑफर
रिपोर्ट के अनुसार, रेहान और एक नाबालिग आरोपी वारदात से करीब 10 दिन पहले मुंबई पहुंचे थे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि उन्हें किसी सेलिब्रिटी को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया था। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि इस कथित साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और आरोपियों को निर्देश किसने दिए।
पुलिस के मुताबिक, 35 हजार रुपये का भुगतान कथित तौर पर काम पूरा होने के बाद होना था। विदेश भेजने का प्रस्ताव भी आरोपियों को दिए गए लालच का हिस्सा बताया गया है। इन दावों की पुष्टि जांच के आधिकारिक निष्कर्षों और न्यायिक प्रक्रिया से होनी बाकी है।
वारदात के बाद मुंबई से सूरत, फिर कोटा पहुंचे आरोपी
रिपोर्ट में बताया गया है कि फायरिंग के बाद आरोपी टैक्सी से मुंबई से सूरत पहुंचे। इसके बाद उन्होंने ट्रेन से यात्रा की। सूरत रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में उनकी मौजूदगी दर्ज होने की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ट्रेन में बिना टिकट यात्रा कर रहे थे और रास्ते में उनसे जुर्माना भी वसूला गया। उनके पास मिले बैग में कपड़ों के तीन जोड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। दो आरोपियों के पास मोबाइल फोन मिले, जबकि एक आरोपी ने रास्ते में अपना मोबाइल फेंक दिया था, ऐसा रिपोर्ट में दावा किया गया है।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि आरोपी कोटा से जयपुर होते हुए नेपाल जाने की योजना बना रहे थे। हालांकि, उनके कथित भागने के पूरे रास्ते और योजना से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
फुटबॉल खेलने की जानकारी से रेकी का शक
रिपोर्ट के मुताबिक, पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी मुंबई में किसी सेलिब्रिटी को निशाना बनाने के लिए रेकी कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कथित तौर पर स्थानीय ऑटो चालकों से पता चला कि टाइगर श्रॉफ रविवार को फुटबॉल खेलने के लिए एक मैदान में आते हैं।
18 अक्टूबर को अभिनेता के फुटबॉल खेलने पहुंचने के बाद आरोपियों के वहां मौजूद रहने और वापसी के दौरान उनकी कार पर फायरिंग किए जाने का दावा किया गया है। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि क्या हमले से पहले अभिनेता की दिनचर्या और आवाजाही पर नजर रखी गई थी।
ऋतिक को भी लालच देने की जांच
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि रेहान ने ऋतिक नाम के व्यक्ति को कथित तौर पर 35 हजार रुपये और विदेश में नौकरी दिलाने का प्रस्ताव दिया था या नहीं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी हो सकती है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि रेहान और उसके एक नाबालिग साथी का नाम इससे पहले अमृतसर में एक व्यापारी को डराने के लिए हुई कथित फायरिंग के मामले से जुड़ा था। इन आरोपों और पुराने मामलों की स्थिति की पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड से होनी चाहिए।
जांच का अहम सवाल: पर्दे के पीछे कौन?
इस मामले में पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल हैं—फायरिंग की कथित योजना किसने बनाई, आरोपियों को किसने जोड़ा, पैसे और विदेश में नौकरी का प्रस्ताव किसने दिया और क्या इसके पीछे अन्य लोग भी शामिल थे?
फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर 35 हजार रुपये के कथित ऑफर, रेकी और नेपाल भागने की योजना को जांच से जुड़े दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
ये खबर भी पढ़े: टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग से बॉलीवुड में हड़कंप; हर रविवार फुटबॉल खेलने जाते थे एक्टर, हमले के बाद अंधेरी स्टेशन पर मिली बाइक!