नई दिल्ली: 1 अक्टूबर 2026 से आम लोगों के बजट और रोजमर्रा की वित्तीय गतिविधियों से जुड़े कई बदलाव लागू हुए हैं। LPG सिलेंडर की कीमत, गैस सब्सिडी के लिए e-KYC, UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन, SBI ATM के फ्री ट्रांजेक्शन और इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतों से जुड़े बदलाव चर्चा में हैं। वहीं RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक अक्टूबर के पहले सप्ताह में होगी।
1. कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹70 तक महंगा
तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में शहर के हिसाब से बढ़ोतरी की है। कोलकाता में यह बढ़ोतरी ₹70, चेन्नई में ₹66.50, मुंबई में ₹63.50 और दिल्ली में ₹62.50 बताई गई है।
वहीं 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में इस बदलाव के तहत कोई बढ़ोतरी नहीं बताई गई है। कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार की लागत बढ़ सकती है।
2. LPG सब्सिडी के लिए e-KYC पर जोर
सब्सिडी वाले LPG कनेक्शन के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन यानी e-KYC को लेकर नया प्रावधान बताया गया है। जिन ग्राहकों का e-KYC पहले से पूरा है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं होगी।
जिन उपभोक्ताओं का सत्यापन बाकी है, उन्हें सब्सिडी वाले रेट का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। e-KYC पूरा करने के बाद सब्सिडी का लाभ फिर मिलने की बात कही गई है।
3. ₹2,000 से ज्यादा के कुछ UPI मर्चेंट पेमेंट पर चार्ज
15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होने की बात कही गई है। हालांकि आम ग्राहकों के पर्सन-टू-पर्सन UPI ट्रांजेक्शन पर इसका असर नहीं बताया गया है।
छोटे व्यापारियों के लिए भी कुछ शर्तों के तहत UPI लेनदेन पर छूट जारी रहने की बात कही गई है।
4. SBI ATM से जुड़े नियम में बदलाव
SBI के सैलरी अकाउंट होल्डर्स के लिए दूसरे बैंकों के ATM या ADWM से फ्री ट्रांजेक्शन की सीमा 10 से घटाकर 5 किए जाने की जानकारी दी गई है। इसमें कैश निकालने के साथ बैलेंस चेक जैसे ट्रांजेक्शन भी शामिल बताए गए हैं।
फ्री लिमिट खत्म होने के बाद प्रति ट्रांजेक्शन ₹15 और GST का शुल्क लग सकता है।
5. AC-TV-फ्रिज की कीमतों में बढ़ोतरी
अक्टूबर से AC, LED TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में 3 से 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की बात कही गई है।
कच्चे माल की लागत, कॉपर, स्टील, एल्युमीनियम और क्रूड ऑयल की कीमतों तथा मुद्रा में उतार-चढ़ाव को इसकी वजह बताया गया है। हालांकि बाजार में मौजूद पुराना स्टॉक होने के कारण कुछ ग्राहकों को त्योहारों तक पुरानी कीमतों पर सामान मिलने की संभावना बताई गई है।
6. 7 अक्टूबर को रेपो रेट पर फैसला
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। 7 अक्टूबर को रेपो रेट पर फैसला होगा। अगस्त की समीक्षा के बाद रेपो रेट 5.25 प्रतिशत बताया गया है।
अगर रेपो रेट में बढ़ोतरी होती है तो नए होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है। वहीं दर घटने की स्थिति में EMI कम होने की संभावना रहती है।
आम लोगों की जेब पर क्या असर?
1 अक्टूबर से हुए बदलावों में कुछ का सीधा असर कारोबारियों और उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है, जबकि कुछ बदलाव बैंकिंग और सरकारी योजना से जुड़े हैं। खास तौर पर कमर्शियल LPG और इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतों में बढ़ोतरी से खर्च बढ़ सकता है। वहीं रेपो रेट का असर RBI के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।
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