मधेपुरा: मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज में बैंकिंग सुविधा के नाम पर लोगों के दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग और साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिए इधर-उधर करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल कर उनकी जानकारी के बिना बैंक खाते खोले गए और इन खातों में साइबर ठगी से जुड़ी रकम मंगाकर निकाली जाती रही।
मामला सामने आने के बाद मधेपुरा साइबर थाना पुलिस ने उदा चौक स्थित संबंधित CSP केंद्र को सील कर दिया है। केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। CSP संचालक भवेश ठाकुर फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने उसके घर पर भी नोटिस चिपकाया है।
दूसरे राज्यों के साइबर थानों से नोटिस पहुंचने पर खुला मामला
स्थानीय लोगों के अनुसार, उदाकिशुनगंज और आसपास के गांवों के लोग बैंकिंग कार्य, CSP सेवा या मोबाइल सिम लेने के लिए आधार और पैन कार्ड लेकर संबंधित केंद्रों या मोबाइल दुकानों पर जाते थे। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों के दस्तावेज और अंगूठे का इस्तेमाल उनकी जानकारी के बिना दूसरे बैंक खाते खोलने में किया गया।
बाद में इन खातों में साइबर ठगी से जुड़ी रकम आने और अलग-अलग माध्यमों से रकम निकालने का आरोप है। मामला तब गंभीर हुआ जब ऐसे खाताधारकों के घर महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के साइबर थानों से नोटिस पहुंचने लगे।
शिकायतें मिलने के बाद मधेपुरा साइबर थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एक साल में करोड़ों के लेन-देन का आरोप
शिकायतकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया है कि कई लोगों के नाम पर खाते खुलवाकर करीब एक साल तक उनमें बड़ी रकम का लेन-देन किया गया। स्थानीय लोगों ने CSP संचालक, उसके सहयोगियों और कुछ मोबाइल दुकानदारों की कथित मिलीभगत की भी आशंका जताई है।
हालांकि, कितने खातों में कितनी रकम का लेन-देन हुआ और इस पूरी प्रक्रिया में किस-किस व्यक्ति की भूमिका थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सील CSP केंद्र से ATM और SIM मिलने की बात
प्रारंभिक जांच के दौरान सील किए गए केंद्र से कई ATM कार्ड और SIM कार्ड मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इन सामानों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उनका इस्तेमाल किन खातों और किन लोगों के लिए किया गया।
पुलिस अलग-अलग राज्यों से मिले नोटिस और शिकायतों को आपस में जोड़कर कथित नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही है।
लीला देवी के बेटे के नाम पर दूसरा खाता खुलवाने का आरोप
नेमुआ वार्ड-8 निवासी लीला देवी ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र गुड्डू कुमार के नाम से मुंबई के वडाला साइबर थाने से नोटिस मिला।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि CSP संचालक भवेश ठाकुर और उसके भाई नीतीश कुमार व धीरज कुमार ने आधार कार्ड लेकर गुड्डू के नाम से NSDL Payments Bank में दूसरा खाता खुलवाया। इसी खाते के इस्तेमाल से जुड़े मामले में मुंबई साइबर पुलिस की ओर से नोटिस पहुंचने की बात शिकायत में कही गई है।
विमला देवी को दिल्ली से मिला नोटिस
इसी तरह बिषहरिया वार्ड-1 निवासी विमला देवी को दिल्ली के रोहिणी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से नोटिस मिलने की बात सामने आई है। विमला देवी ने भी CSP संचालक और उसके भाइयों पर उनकी जानकारी के बिना बैंक खाते का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने बताया कि जब वह उदाकिशुनगंज थाने पहुंचीं तो उन्हें मामला दूसरे क्षेत्र से संबंधित बताया गया और साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराने को कहा गया।
महाराष्ट्र, यूपी और दिल्ली पुलिस भी कर रही जांच
मामले की जांच अब केवल मधेपुरा तक सीमित नहीं है। मधेपुरा साइबर थाना पुलिस के साथ महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और दिल्ली की साइबर पुलिस भी अलग-अलग मामलों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित साइबर ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची, वहां से रकम कैसे निकाली गई, कितने लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर खाते खोले गए और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
CSP संचालक फरार, पुलिस ने शुरू की तलाश
उदाकिशुनगंज थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार ने बताया कि मामले में मधेपुरा साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। संबंधित साइबर संचालक फिलहाल फरार है। CSP केंद्र पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस अब शिकायतों, बैंक खातों, ATM कार्ड, SIM कार्ड और दूसरे राज्यों से मिले नोटिस के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित फर्जी खातों का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
ये खबर भी पढ़े: महावीरी अखाड़ा जुलूस में विवाद के बाद युवक की हत्या, गोपालगंज के रूपंचक में मचा हड़कंप!