गया: फल्गु की धारा, विष्णुपद की आस्था और पिंडदानियों की भीड़… शुक्रवार से गया की तस्वीर बदल गई। पितरों के मोक्ष की कामना लेकर देश-विदेश से श्रद्धालुओं का कारवां विष्णुनगरी पहुंचने लगा और इसी के साथ विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले का आगाज हो गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी से मेले का उद्घाटन किया।
उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री विष्णुपद मंदिर पहुंचे और गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद देवघाट पहुंचकर श्रद्धालुओं के लिए तैयार की गई सुविधाओं का जायजा लिया। 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस मेले को लेकर गया में प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
आस्था के साथ हाईटेक इंतजाम
इस बार पितृपक्ष मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं के स्तर पर भी बड़े पैमाने पर तैयार किया गया है। गांधी मैदान में करीब 2500 श्रद्धालुओं की क्षमता वाली टेंट सिटी तैयार है। यहां पेयजल, शौचालय, मेडिकल कैंप और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर खास फोकस रखा गया है। विष्णुपद मंदिर से लेकर फल्गु घाट और मेला क्षेत्र तक सीसीटीवी, वॉच टावर, पुलिस कंट्रोल रूम और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की गई है। भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए ई-रिक्शा समेत कई व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
15 दिन, कई वेदियां और पिंडदान की लंबी परंपरा
शुक्रवार से त्रिपाक्षिक गया श्राद्ध भी शुरू हो गया। श्रद्धालु परंपरा के अनुसार पुनपुन नदी में स्नान के बाद कर्मकांड शुरू करेंगे। पुनपुन नहीं जाने वाले श्रद्धालु गया के गोदावरी तालाब से पिंडदान की शुरुआत करेंगे।
इसके बाद गया पंचकोस क्षेत्र की अलग-अलग वेदियों पर करीब 15 दिनों तक पिंडदान और कर्मकांड चलेगा। 10 अक्टूबर को त्रिपाक्षिक कर्मकांड का समापन होगा। वहीं, एक, तीन, पांच और सात दिनों का गया श्राद्ध करने वाले श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
अगले कुछ दिनों में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
पिंडदानियों का आगमन अभी शुरू ही हुआ है। अगले तीन-चार दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। विष्णुपद, फल्गु घाट, देवघाट और गया की पिंडदान वेदियां श्रद्धालुओं से गुलजार होने लगेंगी।
गया में अब अगले कई दिनों तक मंत्रोच्चार, पिंडदान, तर्पण और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
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