देवघर: सावन की दूसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि देवघर की सड़कों से लेकर मंदिर परिसर तक सिर्फ कांवरियों की भीड़ नजर आई। सुबह होते-होते पूरा शहर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। हजारों नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण की आस लेकर देवघर पहुंचे। कांवरियों की भीड़ का आलम यह रहा कि मंदिर में जलार्पण के लिए लगी कतार कई किलोमीटर तक पहुंच गई।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच पूरा देवघर भगवा रंग में रंगा दिखाई दिया। कहीं कंधे पर कांवर लेकर चलते श्रद्धालु नजर आए तो कहीं थकान के बावजूद बाबा के जयकारे लगाते कांवरियों के जत्थे आगे बढ़ते दिखाई दिए। दूसरी सोमवारी पर देवघर का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया।

सुल्तानगंज से देवघर तक 108 किलोमीटर की तपस्या
बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने वाले अधिकांश कांवरिये बिहार के सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर अपनी यात्रा शुरू करते हैं। गंगा जल लेकर कांवरिये करीब 108 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर देवघर पहुंचते हैं।
यह यात्रा सिर्फ दूरी तय करने का नाम नहीं है, बल्कि शिवभक्तों के लिए आस्था, संकल्प और तपस्या का प्रतीक मानी जाती है। रास्ते में कांवरिया पथ पर जगह-जगह श्रद्धालुओं की सेवा के लिए शिविर लगाए गए हैं। जैसे-जैसे कांवरियों के जत्थे देवघर की सीमा में प्रवेश करते हैं, ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
दूसरी सोमवारी को भी यही नजारा देखने को मिला। केसरिया कपड़ों में कांवरियों की लंबी कतारें और कंधों पर सजी कांवर ने देवघर की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया।

मंदिर में जलार्पण के लिए 10 किलोमीटर से ज्यादा लंबी कतार
बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की कतार करीब 10 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी बताई जा रही है। अपनी बारी का इंतजार करते श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहे। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरे पर थकान से ज्यादा बाबा के दर्शन की उत्सुकता दिखाई दी।
श्रद्धालु अरघा के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण कर रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
कतार में खड़े श्रद्धालुओं के बीच लगातार ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा बैद्यनाथ’ के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। पूरा वातावरण ऐसा नजर आ रहा है मानो देवघर की हर सड़क बाबा के भक्तों के लिए आस्था की एक लंबी कतार बन गई हो।

चार लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
दूसरी सोमवारी को लेकर प्रशासन ने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने का अनुमान जताया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस दिन तीन से चार लाख श्रद्धालुओं के जलार्पण की संभावना है। भीड़ की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं की संख्या चार लाख से अधिक पहुंचने का भी अनुमान लगाया जा रहा है।
हालांकि श्रद्धालुओं की वास्तविक संख्या का अंतिम आधिकारिक आंकड़ा प्रशासन की ओर से जारी किया जाना बाकी है। लगातार बढ़ती भीड़ ने श्रावणी मेले की भव्यता को और बढ़ा दिया है।

मंदिर से कांवरिया पथ तक भगवा ही भगवा
दूसरी सोमवारी पर देवघर की सबसे खास तस्वीर रही—हर तरफ नजर आता भगवा रंग। बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर से लेकर कांवरिया रूट और शहर की प्रमुख सड़कों तक कांवरियों के जत्थे दिखाई दिए।
कंधों पर कांवर, हाथों में पूजा सामग्री और जुबान पर बाबा का नाम लिए श्रद्धालु लगातार मंदिर की ओर बढ़ते रहे। कई श्रद्धालु परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचे, तो बड़ी संख्या में ऐसे कांवरिये भी दिखे जो समूह में सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी कर बाबा के दरबार में पहुंचे।
मंदिर को भी इस विशेष अवसर के लिए आकर्षक ढंग से सजाया गया है। फूलों की सजावट और भक्तों की भारी भीड़ ने बाबा धाम की भव्यता को और बढ़ा दिया।
सुरक्षा से लेकर भीड़ प्रबंधन तक प्रशासन अलर्ट
श्रावणी मेले में दूसरी सोमवारी को उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। मंदिर परिसर से लेकर कांवरिया रूट तक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से मंदिर तक पहुंचाना और जलार्पण के बाद उन्हें निर्धारित मार्ग से बाहर निकालना है। भीड़ बढ़ने के साथ व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह सहायता और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं भी रखी गई हैं, ताकि लंबी यात्रा के बाद बाबा धाम पहुंचने वाले कांवरियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
आस्था के आगे थकान भी छोटी
दूसरी सोमवारी की भीड़ में सबसे खास बात यह रही कि लंबी कतार और घंटों के इंतजार के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। कई कांवरिये रातभर यात्रा करने के बाद बाबा धाम पहुंचे और फिर कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
किसी के कंधे पर कांवर थी तो किसी के साथ परिवार के सदस्य। कोई अकेले बाबा के दरबार में पहुंचा तो कोई पूरे जत्थे के साथ। लेकिन सभी के संकल्प में एक ही बात थी—बाबा बैद्यनाथ को जल चढ़ाना।
देवघर बना ‘बोल बम’ की गूंज का शहर
सावन की दूसरी सोमवारी पर देवघर में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बाबा बैद्यनाथ धाम सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों शिवभक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है।
सुबह से लेकर दिनभर तक मंदिर परिसर और कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं का रेला जारी रहा। 10 किलोमीटर से अधिक लंबी कतार, लाखों कांवरियों की मौजूदगी और हर तरफ गूंजता ‘बोल बम’—दूसरी सोमवारी पर देवघर की यही तस्वीर सबसे अलग रही।
सुल्तानगंज से उठी आस्था की कांवर जब देवघर पहुंची तो पूरा शहर शिवमय हो गया। कंधे पर कांवर और दिल में बाबा के दर्शन की आस लिए श्रद्धालुओं की यह भीड़ बता रही थी कि सावन में देवघर के लिए आस्था की कोई सीमा नहीं होती।
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