पटना: बिहार की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री ने पटना स्थित बिहार म्यूजियम में तीन नई प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर देशभर से आए 8 पद्मश्री सम्मानित कलाकारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार म्यूजियम न केवल राज्य की ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने का केंद्र है, बल्कि यह कला, संस्कृति और परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम भी है।
तीन प्रदर्शनियों में दिखी कला और विरासत की झलक
म्यूजियम में आयोजित तीनों प्रदर्शनियों में बिहार सहित देश के विभिन्न हिस्सों की कला, शिल्प, लोक परंपरा और समकालीन अभिव्यक्तियों को प्रदर्शित किया गया है। कलाकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, संस्कृति और इतिहास के विविध पहलुओं को सामने रखा।
म्यूजियम के विस्तार को मिली नई रफ्तार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार म्यूजियम के विस्तार के लिए अतिरिक्त 1 एकड़ जमीन देने की घोषणा की। इससे म्यूजियम के इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रदर्शनी क्षमता को और विकसित किया जाएगा।
पद्मश्री कलाकारों की मौजूदगी बनी आकर्षण
इस मौके पर मौजूद पद्मश्री कलाकारों ने अपने अनुभव साझा किए और बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए बेहद जरूरी हैं।
संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कला और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से म्यूजियम का अधिक से अधिक भ्रमण करने और अपनी विरासत से जुड़ने की अपील की।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी, कलाकार और कला प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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