रामगढ़: सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और जिले में बढ़ते जाम व दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए रामगढ़ जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को जिला समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत की मौजूदगी में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और आम लोगों को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराने को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। उपायुक्त ने साफ निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में विशेष रूप से चुट्टूपालू घाटी में हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने घाटी में लगाए गए लाइटों की स्थिति की जांच करने, अधिक संख्या में साइन बोर्ड लगाने, ओवर स्पीडिंग पर रोक लगाने, हाई मास्ट लाइट लगाने और ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएं और सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त रखा जाए, ताकि सड़क हादसों को कम किया जा सके।
शहर में जाम की समस्या को देखते हुए उपायुक्त ने सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने का सख्त निर्देश दिया। प्रशासन अब सड़क किनारे अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाएगा, जिससे यातायात सुचारू हो सके और लोगों को परेशानी से राहत मिले।
बैठक में हिट एंड रन मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश एक्का को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का जल्द निष्पादन कर प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और अवैध परिवहन पर लगाम लगाने के लिए जिले में सघन वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई तेज करने के साथ जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर “हेलमेट नहीं, तो पेट्रोल नहीं” अभियान को सख्ती से जारी रखने की बात कही गई।
प्रशासन का कहना है कि सुरक्षित सड़क व्यवस्था के लिए जागरूकता के साथ-साथ नियमों का पालन भी जरूरी है। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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