रांची: प्राइड मंथ के मौके पर राजधानी रांची में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर आवाज बुलंद की। समुदाय के सदस्यों ने एकजुट होकर समान अधिकार, सरकारी योजनाओं में भागीदारी और सामाजिक सम्मान की मांग उठाई।
कार्यक्रम के दौरान ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने कहा कि वे भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, आवास सहित सभी मूलभूत सुविधाओं का समान अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से अपनी समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन के सामने मांग रखते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कई मुद्दों पर ठोस पहल नहीं हो पाई है।
समुदाय की सबसे प्रमुख मांग ट्रांसजेंडर बोर्ड या आयोग के गठन की रही। सदस्यों का कहना है कि यदि एक मजबूत बोर्ड का गठन होता है तो समुदाय की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए बेहतर व्यवस्था बन सकेगी।
ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि कई सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें अब भी पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। आवास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से मिलने पर अक्सर आश्वासन तो मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव नजर नहीं आता।
प्राइड मंथ के दौरान समुदाय के सदस्यों ने कहा कि उनका संघर्ष केवल अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि समाज में बराबरी की पहचान और सम्मान के लिए है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।
किन्नर अखाड़ा की प्रदेश अध्यक्ष महामंडलेश्वर राजेश्वरी नंद गिरी सहित कई लोगों ने कार्यक्रम में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस नीतियों और संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था की जरूरत है।
ट्रांसजेंडर समुदाय ने स्पष्ट कहा कि अब केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर बदलाव दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सरकार से जल्द ट्रांसजेंडर बोर्ड गठन समेत अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
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