गढ़वा: कहते हैं मेहनत और हौसले के आगे मुश्किलें ज्यादा दिन टिक नहीं पातीं। गढ़वा के एसडीएम मयंक भूषण के बेटे ज्ञानेंद्र गर्व ने इस बात को साबित कर दिखाया है। NEET UG परीक्षा में सफलता हासिल करते हुए ज्ञानेंद्र ने ऑल इंडिया रैंक 676 प्राप्त कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है।
रांची के श्यामली स्कूल के छात्र रहे ज्ञानेंद्र के लिए यह सफर आसान नहीं था। इससे पहले हुई NEET परीक्षा में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 715 अंक हासिल किए थे, लेकिन पेपर लीक विवाद के कारण परीक्षा रद्द हो गई। इस फैसले से ज्ञानेंद्र निराश जरूर हुए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
पिता एसडीएम मयंक भूषण, शिक्षक मां और दोस्तों ने लगातार उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद ज्ञानेंद्र ने दोबारा पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी और इस बार 665 अंक के साथ 676वीं रैंक हासिल कर सफलता का नया अध्याय लिख दिया।
सफलता के बाद ज्ञानेंद्र ने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद शुरुआत में काफी निराशा हुई थी, लेकिन परिवार और दोस्तों के समर्थन से दोबारा मेहनत करने की प्रेरणा मिली। उनका सपना एक बेहतर डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है।
बेटे की सफलता पर एसडीएम मयंक भूषण भावुक नजर आए। उन्होंने बेटे को फूलों का गुलदस्ता देकर बधाई दी और मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा जीवन में आगे बढ़े, आज बेटे की उपलब्धि से उनका सपना पूरा हुआ है।
ज्ञानेंद्र की सफलता उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो असफलताओं या मुश्किल हालात के बाद भी अपने लक्ष्य को हासिल करने का जुनून रखते हैं।