रांची: राजधानी रांची में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े पनाश रियल्टर्स और दयानंद मोदी समूह पर आयकर विभाग की कार्रवाई ने हलचल मचा दी है। आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा का सर्वे दूसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें शुरुआती जांच के दौरान 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की अघोषित आय के सुराग मिलने का दावा किया गया है।
जांच के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनमें नकद लेनदेन और टैक्स से जुड़े अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। विभाग अब बरामद दस्तावेजों, डिजिटल डेटा और बही-खातों की गहन जांच कर रहा है।
कच्चे कागजों पर करोड़ों के सौदे का आरोप
आयकर विभाग के मुताबिक जांच में सामने आया है कि दोनों समूहों से जुड़े कुछ लेनदेन कथित तौर पर बिना वैध दस्तावेजों के किए गए। अधिकारियों को संदेह है कि जमीन मालिकों, बिल्डरों और अन्य पक्षों के बीच हुए कई सौदों में टैक्स नियमों का उल्लंघन हुआ है।
विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि अघोषित रकम कहां से आई और किन-किन लोगों तक पहुंची।
फ्लैट खरीदार भी जांच के दायरे में!
जांच में फ्लैट खरीदने वालों के भुगतान पर भी नजर गई है। आयकर विभाग के अनुसार कुछ खरीदारों ने कथित तौर पर भुगतान का बड़ा हिस्सा नकद किया है।
अब ऐसे खरीदारों से भी पूछताछ की जा सकती है, ताकि नकद लेनदेन की पूरी कड़ी सामने आ सके।
50 करोड़ की आय पर लग सकती है भारी पेनाल्टी
अगर जांच में अघोषित आय की पुष्टि होती है तो आयकर कानून के तहत संबंधित लोगों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, मामले में नियमों के तहत 30 से 70 प्रतिशत तक पेनाल्टी लगाने की कार्रवाई संभव है।
डिजिटल डेटा और दस्तावेज खंगाल रहा विभाग
फिलहाल आयकर अधिकारी जब्त किए गए दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और खातों की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि कथित अघोषित आय का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है।