रोहतास: रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत ने कठोर फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 की अदालत ने इस जघन्य अपराध को ‘दुर्लभतम श्रेणी’ का मानते हुए दोषी बलिराम सिंह को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने पीड़िता की मां को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 15 नवंबर 2020 की है, जब आरोपी ने करीब 10 वर्षीय बच्ची को खिलौना देने का लालच देकर अपने घर बुलाया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और बाद में पहचान उजागर होने के भय से उसकी हत्या कर दी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कुल 11 गवाह पेश किए गए। पुलिस द्वारा एकत्रित वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
जांच के दौरान एक प्रत्यक्षदर्शी के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली, जहां से काठ के बक्से में बच्ची का शव बरामद किया गया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अपराध की प्रकृति, पीड़िता की कम आयु और घटना की क्रूरता इसे ‘दुर्लभतम’ श्रेणी में रखती है, इसलिए मृत्युदंड उचित है।
फैसले के बाद पीड़िता के परिजनों ने न्यायालय के निर्णय पर संतोष जताते हुए कहा कि इससे उन्हें न्याय मिलने का एहसास हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के कठोर फैसले समाज में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में सहायक होंगे।
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