12
BREAKING NEWS
Bihar: कागज पर विकास की सड़क, जमीन पर कीचड़ का स्वागत, DM की गाड़ी फंसी तो ग्रामीण बने 'रेस्क्यू टीम!Jharkhand: जमशेदपुर में बार बना कत्लखाना, गाने के विवाद में युवक को चाकू से गोदा, मैनेजर निकला मास्टरमाइंड!Jharkhand: हरे कृष्ण महाराज झारखंड के बने हम (सेक्युलर) के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन विस्तार पर जोर!Bihar: नेपाल से आईं बहुएं… अब भारत में मिलेगी नई पहचान!Jharkhand: RIMS को मिला दूसरा किडनी स्पेशलिस्ट, अब बदल सकती है स्वास्थ्य व्यवस्था!Jharkhand: भोजपुरी-मगही पर बंटी सरकार… अब CM हेमंत सोरेन करेंगे फैसला!Bihar: मजार तक पहुंचे नीतीश… लेकिन चादर नही चढ़ा पाए ?Bihar: अपराध से कुख्यात अमरेश शाही ने कमाए 14 करोड़… अब सब होगा जब्त!Jharkhand: अस्पताल के बाहर मिल रहा था जहर, धनबाद में फूड डिपार्टमेंट का बड़ा खुलासा!Bihar: छुट्टी में घर आया बीटेक छात्र लापता, 3 दिन बाद खाई से मिला शव—शेखपुरा में बवाल, पुलिस गाड़ियों पर पथराव!Jharkhand: पहले मां-बाप का साया छूटा, अब बारिश ने छीन ली छत… अनाथ भाई-बहन की आंखों में बस इंतज़ार और बेबसी!Bihar: लखीसराय में शिक्षा क्रांति की शुरुआत? मंत्री की बैठक में बड़े फैसले!Bihar: लाल गाड़ी का सख्त एक्शन, 209 बिना टिकट यात्री पकड़े गए!Bihar: लखीसराय स्कूल में अनोखा ‘आमोत्सव’—आद्रा नक्षत्र पर संस्कृति का जश्न!Bihar: हाजीपुर के X-Ray रूम में 'गंदा खेल'? वायरल वीडियो से बिहार के स्वास्थ्य महकमे में भूचाल!
No menu items available
BREAKING
Bihar: कागज पर विकास की सड़क, जमीन पर कीचड़ का स्वागत, DM की गाड़ी फंसी तो ग्रामीण बने ‘रेस्क्यू टीम!Jharkhand: जमशेदपुर में बार बना कत्लखाना, गाने के विवाद में युवक को चाकू से गोदा, मैनेजर निकला मास्टरमाइंड!Jharkhand: हरे कृष्ण महाराज झारखंड के बने हम (सेक्युलर) के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन विस्तार पर जोर!Bihar: नेपाल से आईं बहुएं… अब भारत में मिलेगी नई पहचान!Jharkhand: RIMS को मिला दूसरा किडनी स्पेशलिस्ट, अब बदल सकती है स्वास्थ्य व्यवस्था!Jharkhand: भोजपुरी-मगही पर बंटी सरकार… अब CM हेमंत सोरेन करेंगे फैसला!Bihar: मजार तक पहुंचे नीतीश… लेकिन चादर नही चढ़ा पाए ?Bihar: अपराध से कुख्यात अमरेश शाही ने कमाए 14 करोड़… अब सब होगा जब्त!Jharkhand: अस्पताल के बाहर मिल रहा था जहर, धनबाद में फूड डिपार्टमेंट का बड़ा खुलासा!Bihar: छुट्टी में घर आया बीटेक छात्र लापता, 3 दिन बाद खाई से मिला शव—शेखपुरा में बवाल, पुलिस गाड़ियों पर पथराव!Jharkhand: पहले मां-बाप का साया छूटा, अब बारिश ने छीन ली छत… अनाथ भाई-बहन की आंखों में बस इंतज़ार और बेबसी!Bihar: लखीसराय में शिक्षा क्रांति की शुरुआत? मंत्री की बैठक में बड़े फैसले!

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

Bihar: कागज पर विकास की सड़क, जमीन पर कीचड़ का स्वागत, DM की गाड़ी फंसी तो ग्रामीण बने ‘रेस्क्यू टीम!
13 minutes ago
Jharkhand: जमशेदपुर में बार बना कत्लखाना, गाने के विवाद में युवक को चाकू से गोदा, मैनेजर निकला मास्टरमाइंड!
1 hour ago
Jharkhand: हरे कृष्ण महाराज झारखंड के बने हम (सेक्युलर) के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन विस्तार पर जोर!
1 hour ago
Bihar: नेपाल से आईं बहुएं… अब भारत में मिलेगी नई पहचान!
8 hours ago
Jharkhand: RIMS को मिला दूसरा किडनी स्पेशलिस्ट, अब बदल सकती है स्वास्थ्य व्यवस्था!
8 hours ago

Jharkhand: भोजपुरी-मगही पर बंटी सरकार… अब CM हेमंत सोरेन करेंगे फैसला!

रांची: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भोजपुरी, मगही, मैथिली...

रांची: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका को शामिल करने के मुद्दे पर बनी सात सदस्यीय मंत्रियों की कमेटी खुद ही दो धड़ों में बंट गई है। मामला अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास पहुंच गया है, जो इस पर अंतिम फैसला लेंगे।

दरअसल, इस मुद्दे पर बनी हाई-लेवल कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर सहमति नहीं बन सकी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कमेटी के भीतर ही चार मंत्री इन भाषाओं को शामिल करने के खिलाफ हैं, जबकि तीन मंत्री इसके पक्ष में खड़े हैं।

विरोध करने वालों में झामुमो के सुदिव्य कुमार, योगेंद्र प्रसाद महतो और हफीजुल हसन अंसारी के साथ कांग्रेस की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की शामिल हैं। वहीं समर्थन में कांग्रेस के राधाकृष्ण किशोर, दीपिका पांडेय सिंह और राजद के संजय प्रसाद यादव हैं। खास बात यह रही कि कांग्रेस के भीतर ही इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आई, जिससे सियासी खींचतान और तेज हो गई।

इससे पहले पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी, जिसमें भी सहमति नहीं बन पाई थी। बाद में दो और मंत्रियों को जोड़कर सात सदस्यीय कमेटी बनाई गई, लेकिन तीन बैठकों के बावजूद विवाद सुलझ नहीं सका।

पहली बैठक में ही अधिकारी जरूरी दस्तावेज नहीं ला पाए, जिससे मंत्री नाराज हो गए। दूसरी और तीसरी बैठक में भाषाओं को शामिल करने को लेकर तीखी बहस हुई, लेकिन कोई सर्वसम्मति नहीं बन सकी।

अब पूरा मामला मुख्यमंत्री के पास पहुंच चुका है और अंतिम फैसला उन्हीं को लेना है। यह फैसला लाखों अभ्यर्थियों और क्षेत्रीय भाषा के समर्थकों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

ये खबर भी पढ़े: Jharkhand: अस्पताल के बाहर मिल रहा था जहर, धनबाद में फूड डिपार्टमेंट का बड़ा खुलासा!

चंदन कुमार

Author at mahuaanews.com
Scroll to Top