सहरसा: बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान से मक्का और गेहूं की फसल को भारी नुकसान होने के बाद किसानों का गुस्सा सड़कों पर नजर आया। महागठबंधन के बैनर तले सहरसा स्टेडियम परिसर के बाहर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरना का नेतृत्व डॉ. गौतम कृष्ण ने किया, जबकि अध्यक्षता प्रो. मो. ताहिर ने संभाली। प्रदर्शन के दौरान किसानों और नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए फसल क्षति का शत-प्रतिशत मुआवजा देने की मांग उठाई।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि “मोनथा तूफान” के बाद भी किसानों को न्याय नहीं मिला और अब हालिया बारिश-तूफान के बाद भी मुआवजे में देरी की जा रही है। डॉ. गौतम कृष्ण ने कहा कि किसानों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अगर लापरवाही हुई तो कड़ा कदम उठाया जाएगा।
धरने में शामिल किसानों ने बताया कि फसल का नुकसान पूरी तरह हो चुका है, इसलिए मुआवजा भी शत-प्रतिशत मिलना चाहिए। जिले भर से आए महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से धरना प्रभावशाली रहा।
फिलहाल किसानों की नजर सरकार और प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
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सहरसा से विकास कुमार की रिपोर्ट…