नालंदा: बिहार की राजनीति में आए बड़े घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह क्षेत्र कल्याण विगहा गांव में मायूसी का माहौल है। एमएलसी पद से उनके इस्तीफे की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया और लोग भावुक नजर आए।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे, तो बिहार में सुशासन की जगह कुशासन हावी हो सकता है। उनका मानना है कि राज्य को सही दिशा देने वाला नेतृत्व अभी तक उन्हीं के हाथ में रहा है।
गांव के लोगों ने कहा कि उनके नेतृत्व में ही बिहार में बिजली, पानी, सड़क और कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है। उनका दावा है कि अगर वे पद से हटते हैं तो विकास की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और भ्रष्टाचार व अपराध बढ़ सकते हैं।
ग्रामीणों ने भारतीय जनता पार्टी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी भी नीतीश कुमार जैसी छवि और सुशासन को बरकरार नहीं रख पाएगी।
इतना ही नहीं, गांव के लोगों ने यह मांग भी उठाई कि उनके बाद उनके पुत्र निशांत कुमार को ही बिहार की कमान सौंपी जाए, ताकि वे अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा सकें।
नीतीश कुमार के इस फैसले ने जहां पूरे बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है, वहीं उनके गांव में छाई यह मायूसी उनकी जमीनी लोकप्रियता को दर्शाती है। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा— “सुशासन मतलब नीतीश, विकास मतलब नीतीश, ईमानदारी मतलब नीतीश कुमार।”
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नालंदा से वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट…