नालंदा: जिले के रहुई प्रखंड अंतर्गत मोरा तालाब पंचायत के वार्ड नंबर 5 में बीते करीब 20 वर्षों से सड़क किनारे ट्रांसफार्मर के पास कूड़े का अंबार लगा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय से चली आ रही इस गंभीर समस्या पर न तो प्रशासन की नजर पड़ी है और न ही जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस पहल की है।
स्थानीय ग्रामीणों, जिनमें जालंधर यादव प्रमुख हैं, का कहना है कि यह समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला। कई बार शिकायत करने के बावजूद नतीजा शून्य रहा, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
कूड़े के ढेर से उठती बदबू और गंदगी के कारण इलाके में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह कचरा ट्रांसफार्मर के ठीक पास जमा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
मामले को लेकर जब पंचायत के मुखिया रंजीत यादव से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं वार्ड सदस्य नागेंद्र रविदास ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में उन्हें किसी भी योजना का टेंडर नहीं मिला, जिसके कारण वे गांव छोड़कर पटना में मजदूरी करने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि गांव लौटने पर वे इस मुद्दे को अधिकारियों के सामने उठाएंगे। इधर ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज किया जाएगा? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा?
फिलहाल यह मामला जांच का विषय बनता जा रहा है और लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही कार्रवाई करेगा।
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नालंदा से वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट…