पटना: बिहार की सियासत में इन दिनों भारत रत्न सबसे हॉट टॉपिक बन चुका है। पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए मांग उठी और अब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बारी आ गई है। पटना स्थित राजद कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
पोस्टर में लालू यादव को “गरीबों का मसीहा” ही नहीं, बल्कि “हमारे भगवान” तक बताया गया है। खास बात यह है कि पोस्टर में एक ओर लालू यादव, दूसरी ओर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और बीच में भारत रत्न की तस्वीर लगाई गई है। यह पोस्टर आरजेडी के सचिव रणजीत रजक की ओर से लगाया गया है।
पोस्टर में भारत सरकार से मांग की गई है कि सामाजिक न्याय की राजनीति के प्रतीक और बिहार की आवाज रहे पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा जाए।
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इधर, राजनीतिक विरोधियों को यह मांग मजाक और गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश लग रही है। क्योंकि जिस समय यह पोस्टर लगा है, उसी वक्त लालू यादव लैंड फॉर जॉब मामले में चार्ज फ्रेम होने के बाद कानूनी मुश्किलों से घिरे हुए हैं।\Bihar News : लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार पर आरोप तय, 41 आरोपियों पर चलेगा ट्रायल!
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह पोस्टर सिर्फ सम्मान की मांग नहीं, बल्कि मैसेज पॉलिटिक्स है—जिसके जरिए राजद अपने नेता को एक बार फिर सामाजिक न्याय के चेहरे के रूप में स्थापित करना चाहती है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जदयू नेता केसी त्यागी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग उठाई थी, जिसके बाद बिहार की राजनीति में सम्मान देने की होड़ शुरू हो गई। अब सवाल यह है कि अगला पोस्टर किसके नाम का होगा?
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फिलहाल इतना तय है कि बिहार में चुनाव भले दूर हों, लेकिन भारत रत्न की राजनीति पूरी तरह ऑन हो चुकी है।