लखीसराय: व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार अजय कुमार शर्मा ने किया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी मिथलेश कुमार मिश्रा, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पवन कुमार झा, आरक्षी अधीक्षक के प्रतिनिधि के रूप में अपर पुलिस उपाधीक्षक, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय राजीव कुमार मिश्र, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पंचम राजन कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विधानंद सागर सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
उद्घाटन के दौरान जिला जज अजय कुमार शर्मा ने कहा कि यह इस वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शमनीय वादों का निस्तारण कर राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की।
वहीं जिला पदाधिकारी मिथिलेश कुमार मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत सुलह और सहमति के आधार पर मामलों के त्वरित निस्तारण का सरल और प्रभावी मंच है। लोगों को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल 13 पीठों का गठन किया गया था। इनमें पीठ संख्या-01 की अध्यक्षता प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पवन कुमार झा ने की। पीठ संख्या-02 का नेतृत्व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजीव कुमार मिश्र तथा पीठ संख्या-03 का नेतृत्व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम राजन कुमार ने किया। पीठ संख्या-04 का नेतृत्व अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम रंजीत कुमार सोनू के द्वारा किया गया। इसके अलावा अन्य पीठों का भी गठन किया गया था।
लोक अदालत में पोस्ट-लिटिगेशन के कुल 1299 वादों का निष्पादन किया गया, जबकि प्री-लिटिगेशन के 529 मामलों का निस्तारण हुआ। बैंक ऋण वसूली से संबंधित मामलों में कुल एक करोड़ 44 लाख 18 हजार 941 रुपये की वसूली की गई।
इसके अतिरिक्त रेलवे न्यायालय में भी एक पीठ का गठन किया गया, जिसकी अध्यक्षता रेलवे अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुंदन कुमार गुप्ता ने की। इस पीठ में कुल 706 मामलों का निस्तारण किया गया।
ये खबर भी पढ़े: Bihar News : लखीसराय में बेहतर यातायात प्रबंधन पर जिला पदाधिकारी को सम्मान, परिवहन विभाग ने जताया आभार!
