लखीसराय: रामनवमी की पूर्व संध्या पर किऊल जंक्शन गुरुवार को आस्था, उत्साह और ऊर्जा का केंद्र बन गया। हनुमान मंदिर समिति की ओर से निकाली गई भव्य शोभायात्रा ने पूरे इलाके को भक्तिमय रंग में रंग दिया। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारों ने माहौल को और भी जोशीला बना दिया।
इस शोभायात्रा का नेतृत्व संयोजक सोनू कुमार ने किया, जबकि विश्व हिंदू परिषद से जुड़े कई प्रमुख चेहरे इसमें शामिल हुए। लोगों की भीड़, झंडे-बैनर और जयघोष—हर दृश्य में एक अलग ही जोश और आस्था नजर आई।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भगवान श्रीराम के जीवन को सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया। शबरी के प्रेम, जटायु के बलिदान और हनुमान की भक्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन हर वर्ग को साथ लेकर चलने की प्रेरणा देता है।
साथ ही अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के लंबे संघर्ष और उसमें दिए गए बलिदानों को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और संघर्ष का प्रतीक है।

शोभायात्रा में युवा, बच्चे और बुजुर्ग—सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जगह-जगह लोगों ने यात्रा का स्वागत किया और माहौल पूरी तरह राममय हो गया।
किऊल की इस शोभायात्रा ने एक बार फिर दिखा दिया कि जब आस्था सड़कों पर उतरती है, तो पूरा शहर एक स्वर में गूंज उठता है—“जय श्रीराम!”
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