नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में शुक्रवार को ‘राष्ट्र प्रथम के समर्थन में एक अभियान’ के तहत भव्य तिरंगा मार्च निकाला गया। कुलपति प्रो. मजहर आसिफ और कुलसचिव प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने मार्च को हरी झंडी दिखाई। दोनों ने युवाओं से देशभक्ति और समर्पण की भावना के साथ राष्ट्र सेवा का आह्वान किया।
यह मार्च शिक्षा मंत्रालय की पहल पर निकाला गया। इसकी शुरुआत जामिया के शताब्दी द्वार से हुई और समापन डीन स्टूडेंट वेलफेयर लॉन में हुआ। मार्च भारतीय सशस्त्र बलों, सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के प्रति जामिया समुदाय के समर्थन का प्रतीक रहा।
कुलपति प्रो. आसिफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। जामिया भारतीय सेना की बहादुरी और सीमाओं की रक्षा के संकल्प को सलाम करता है। उन्होंने कहा कि यह मार्च ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार की दृढ़ता और लचीलापन को सम्मान देने के लिए निकाला गया। सबसे अहम बात यह है कि हम यहां राष्ट्र को सर्वोपरि मानने की शपथ लेने के लिए एकत्र हुए हैं।
कुलसचिव प्रो. रिजवी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सशस्त्र बलों के साहस और देश के प्रति प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पूरा देश सरकार और सुरक्षा बलों के साथ खड़ा हुआ, वह सराहनीय है। जामिया उन पहले केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शामिल है, जिसने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। हमले में जान गंवाने वालों की याद में 26 पेड़ लगाकर जामिया ने संवेदना जताई।
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