अमेरिका में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े सीक्रेट दस्तावेज सार्वजनिक होने के बाद दुनिया भर में सियासी और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा करीब 30 लाख पेज की फाइलें जारी किए जाने के बाद 10 देशों में 15 से ज्यादा बड़े अधिकारियों को इस्तीफा देना पड़ा, जबकि 80 से अधिक प्रभावशाली लोगों के खिलाफ जांच शुरू हुई है।
फाइलों में राजनेताओं, अरबपतियों, राजनयिकों और शाही परिवारों से जुड़े नाम सामने आने से यूरोप समेत कई देशों की सरकारें दबाव में हैं। ब्रिटेन, नॉर्वे, स्वीडन और फ्रांस जैसे देशों में जांच एजेंसियों ने नए सिरे से कार्रवाई शुरू कर दी है। ब्रिटेन में कई अधिकारियों के इस्तीफे हुए, जबकि प्रिंस एंड्रयू के खिलाफ नई समीक्षा शुरू होने की खबर है।
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दस्तावेजों में ईमेल, फ्लाइट लॉग और संपर्क रिकॉर्ड शामिल हैं, जिनमें 700 से 1000 प्रभावशाली लोगों का जिक्र बताया जा रहा है। कुछ मामलों में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन समेत कई हाई-प्रोफाइल नाम अलग-अलग संदर्भों में दर्ज हैं।
कई बड़े लोगों को सार्वजनिक तौर पर सफाई देनी पड़ी है। बिल गेट्स ने एपस्टीन से जुड़ी मुलाकातों पर अफसोस जताया, जबकि इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, एपस्टीन फाइल्स का असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक राजनीति, कूटनीति और कॉर्पोरेट जगत पर भी इसका बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच और सख्त हो सकती है।
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अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने जो दस्तावेज जारी किए हैं, उसमें अनिल अंबानी से जुड़े नए खुलासे सामने आए हैं। ये दस्तावेज एपस्टीन और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच 2017 से 2019 के दौरान हुई बातचीत से जुड़े हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें कारोबार, वैश्विक मामलों और महिलाओं को लेकर चर्चा हुई।