लखीसराय में जमीन विवाद अब सिर्फ कानूनी मामला नहीं बल्कि खुला राजनीतिक टकराव बनता जा रहा है। नगर परिषद के उपसभापति शिव शंकर राम की गिरफ्तारी ने जिले की राजनीति को गरमा दिया है। उन पर फर्जी दानपत्र के जरिए जमीन कब्जाने का गंभीर आरोप लगा है, जिसके बाद टाउन थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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लोदिया निवासी प्रशांत कुमार उर्फ गुड्डू की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में दावा किया गया है कि दानपत्र संख्या 2598 (5 मई 1972) के आधार पर इंग्लिश मोहल्ला की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश हुई। लेकिन निबंधक कार्यालय के 21 जनवरी 2026 के पत्र में इस दस्तावेज को दानपत्र नहीं बल्कि बंधक विलेख बताया गया है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि कथित फर्जी दस्तावेज के सहारे खाता संख्या 48, खेसरा संख्या 223 की जमीन पर जमाबंदी कर कब्जा जमाने की कोशिश हुई और विरोध करने पर उन्हें धमकाया भी गया। मामले के सामने आते ही जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई।
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हालांकि उपसभापति शिव शंकर राम ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि विवादित जमीन उनकी पुश्तैनी संपत्ति है और विपक्ष उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहा है।
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विवाद इसलिए भी गर्म है क्योंकि शिकायतकर्ता को केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का करीबी बताया जा रहा है, जबकि शिव शंकर राम को बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा का समर्थक माना जाता है। ऐसे में मामला कानूनी से ज्यादा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का रूप लेता दिख रहा है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम करीब सात बजे उपसभापति को उनके घर से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों की जांच और अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल में जुटी है। आने वाले दिनों में यह मामला और राजनीतिक तूफान खड़ा कर सकता है।
