लखीसराय जिला परिषद में वित्तीय अनियमितता और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जिला परिषद सदस्य भानु कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया है कि जिले में सीमित संवेदकों के माध्यम से योजनाओं की राशि का बंदरबांट किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कई योजनाओं में एक ही संवेदक को बार-बार काम दिया जा रहा है। रामगढ़ प्रखंड के विल्लो गांव में हुए एक टेंडर का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि टेंडर से पहले ही लगभग 14 लाख रुपये की निकासी कर ली गई, जो नियमों के खिलाफ है।
भानु कुमार ने आरोप लगाया कि उप विकास आयुक्त (DDC) और जिला परिषद अध्यक्ष के संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है। उन्होंने कहा कि जिस संवेदक को काम दिया जाता है, उसी को हर प्रकार के कार्य—चाहे भवन निर्माण हो, हैंडपंप लगाना हो या अन्य योजनाएं—दे दिए जाते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में जरूरी कागजातों की अनदेखी की जा रही है और अधिकारियों पर दबाव बनाकर कार्य करवाया जा रहा है। यहां तक कि कार्यपालक अभियंता पर भी दबाव डालकर टेंडर पास कराया जा रहा है।
जिला परिषद सदस्य ने कहा कि जब जिलाधिकारी को इसकी जानकारी दी गई तो उन्होंने जांच टीम का गठन किया, लेकिन अब तक जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। DDC पर जांच में सहयोग नहीं करने का भी आरोप लगाया गया है।
उन्होंने जिला परिषद की बैठकों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बैठक की कार्यवाही पहले से तैयार कर ली जाती है और उसमें केवल एक ही नाम की चर्चा होती है। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भानु कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के अंदर DDC के कार्यों में सुधार नहीं हुआ, तो जिला परिषद सदस्य आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वे DDC कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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