लखीसराय: “ज्ञान भारतम् मिशन” की प्रगति को लेकर सोमवार को जिला समाहरणालय में अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने की, जिसमें जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी समेत सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि अन्य जिलों की तुलना में लखीसराय में पांडुलिपियों और सांस्कृतिक सामग्रियों का अपलोड अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी प्रखंडों में स्थित मठों, मंदिरों और अन्य सांस्कृतिक-धार्मिक संस्थानों से समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक पांडुलिपियों और धरोहरों की पहचान की जाए तथा उनका डिजिटलीकरण कर पोर्टल पर अपलोड सुनिश्चित किया जाए। साथ ही NGO और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षकों को भी इस अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के मठों, मंदिरों एवं संस्थानों की अद्यतन सूची उनके पदाधिकारियों के नाम और संपर्क विवरण के साथ जल्द उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा हर प्रखंड से कम से कम 5 पांडुलिपियों का अपलोड अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस मिशन के तहत कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बताते चलें कि “ज्ञान भारतम् मिशन” भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देश की प्राचीन ज्ञान परंपरा, दुर्लभ पांडुलिपियों और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण, डिजिटलीकरण और व्यापक प्रसार करना है।
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