लखीसराय: टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने के लिए जिले में अब मिशन मोड में काम शुरू हो गया है। सोमवार को भारत सरकार के एडिशनल सेक्रेटरी एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक हुई, जिसमें जिला प्रशासन के साथ अभियान की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस विशेष 100 दिवसीय अभियान के तहत अब 40 वर्ष या उससे अधिक आयु के ओपीडी मरीजों पर खास फोकस किया जाएगा। निर्देश दिया गया है कि ऐसे सभी मरीजों की अनिवार्य रूप से स्क्रीनिंग और एक्स-रे कराए जाएं, ताकि संभावित टीबी मरीजों की समय रहते पहचान हो सके और उन्हें तुरंत इलाज मिल सके।
बैठक में यह भी सामने आया कि जिले के 114 गांवों को हाई रिस्क एरिया के रूप में चिन्हित किया गया है। इन गांवों में अब घर-घर सर्वे, जांच और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य छिपे हुए मरीजों को खोजकर उन्हें इलाज से जोड़ना और संक्रमण के फैलाव को रोकना है।
स्वास्थ्य विभाग को यह भी निर्देश दिया गया कि ओपीडी में आने वाले कुल मरीजों में कम से कम 10 प्रतिशत की स्क्रीनिंग हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अस्पतालों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य कर्मियों को सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया है।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और तय लक्ष्य समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने इसे जनसहभागिता से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान बताते हुए कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए प्रशासन और आम लोगों दोनों का सहयोग जरूरी है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर खांसी, बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और इस अभियान को सफल बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
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