लखीसराय: बिहार दिवस के समापन अवसर पर टाउन हॉल में मंगलवार को “फरोग-ए-उर्दू सेमिनार, कार्यशाला एवं मुशायरा” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उर्दू निदेशालय पटना, जिला प्रशासन लखीसराय एवं जिला उर्दू भाषा कोषांग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें साहित्य, भाषा और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्रा, नगर परिषद सभापति अरविंद पासवान, जिला अल्पसंख्यक समिति के चेयरमैन मुहम्मद इरफान सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर “जिला उर्दू नामा” पत्रिका का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर जिले के 7 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने पर संबंधित मुखियाओं को सम्मानित किया गया। मंच संचालन मुहम्मद शकील ने किया, जबकि स्वागत भाषण उर्दू कोषांग की प्रभारी प्रियंका कुमारी ने दिया।
सेमिनार एवं कार्यशाला में उर्दू भाषा के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार पर गहन चर्चा हुई। वक्ताओं ने उर्दू को भारत की गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान बताते हुए इसके विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मुशायरा रहा, जिसमें भागलपुर, मुंगेर और लखीसराय से आए शायरों—इकराम हुसैन साद, सैयद इसराफील, कमरान अलवी और डॉ. नूतन कुमारी ने अपनी शायरी से समां बांध दिया। श्रोताओं ने उनकी प्रस्तुतियों को खूब सराहा।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बताया।
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