शेखपुरा शहर के बाईपास इलाके में जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाने के नाम पर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-333A को तोड़े जाने का मामला अब विवाद का रूप ले चुका है। आरोप है कि नगर परिषद शेखपुरा के तहत काम कर रहे ठेकेदार ने बिना अनुमति और नियमों को दरकिनार करते हुए रात के अंधेरे में जेसीबी मशीन से सड़क काट दी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों में नाराजगी बढ़ गई है और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
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स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, जलापूर्ति परियोजना के तहत पाइपलाइन को सड़क के दूसरी ओर ले जाने के लिए यह कदम उठाया गया। हालांकि, नियमों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी भी प्रकार की खुदाई या तोड़फोड़ के लिए संबंधित विभाग से अनुमति जरूरी होती है। लोगों का आरोप है कि इस नियम की खुली अनदेखी की गई।
मामले को लेकर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि NH-333A का अगले छह महीनों में चौड़ीकरण होना है। चौड़ीकरण के दौरान बिजली के खंभे, अन्य संरचनाएं और कई मकानों का अधिग्रहण होना तय है, जिससे यह पाइपलाइन भी प्रभावित होगी। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भविष्य में पाइपलाइन हटानी ही पड़ेगी तो अभी सड़क तोड़कर काम करने के पीछे क्या वजह है। कुछ लोगों ने इसे ‘राशि बंदरबांट’ से जोड़कर भी आरोप लगाए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अब तक नगर परिषद या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना प्रशासनिक निगरानी और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।