पटना: शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही NEET की तैयारी कर रही छात्रा की रेप के बाद मौत के मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई हुई है। चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रौशनी कुमारी और कदमकुआं थाने के दारोगा हेमंत झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई केस में गंभीर स्तर पर लापरवाही स्वीकार किए जाने के बाद देर रात की गई।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की जानकारी पहले दिन से होने के बावजूद थाना प्रभारी द्वारा न तो समय पर कार्रवाई की गई और न ही वरीय अधिकारियों को सही जानकारी दी गई। तीन दिनों तक न हॉस्टल सील किया गया, न कमरे और कपड़ों को सुरक्षित किया गया, जिससे अहम सबूत नष्ट होने की आशंका बढ़ गई। शुरुआती स्तर पर मामले को आत्महत्या बताने की कोशिश की गई, जबकि बाद में मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने इस थ्योरी को खारिज कर दिया।
इधर, SIT को सौंपी गई फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई है, जिससे दुष्कर्म की आशंका और मजबूत हो गई है। FSL अब DNA टेस्ट के जरिए संदिग्धों से मिलान की तैयारी कर रही है। इससे पहले PMCH की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी यौन हिंसा से इनकार नहीं किए जाने की बात कही गई थी।
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मामले की जांच में सामने आया है कि 6 जनवरी को छात्रा हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी और 9 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, लेकिन इस दौरान पुलिस की मौजूदगी लगभग नदारद रही। कानूनी जानकारों के मुताबिक यही समय साक्ष्य जुटाने के लिए सबसे अहम था। बाद में दबाव बढ़ने पर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया गया और जांच की दिशा बदली।
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इस मामले में ASP, SP और SSP स्तर तक की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। बिना पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के रेप से इनकार और आत्महत्या की बात कहने को गंभीर चूक माना जा रहा है। अब DGP के आदेश पर गठित SIT पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। SIT यह देखेगी कि FIR में देरी क्यों हुई, हॉस्टल और कमरे को सील क्यों नहीं किया गया, शुरुआती मेडिकल राय को अंतिम क्यों मान लिया गया और किन स्तरों पर जांच में लापरवाही हुई।
छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने शुरू से मामले को गंभीरता से नहीं लिया और FIR में देरी की गई। परिवार का यह भी कहना है कि हॉस्टल प्रबंधन की ओर से समझौते का दबाव बनाया गया।
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फिलहाल SIT ने 100 जीबी से अधिक डेटा जुटाया है और जांच जारी है। FSL की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।