भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के संयुक्त राज्यव्यापी आंदोलन के तहत शेखपुरा में जोरदार प्रदर्शन हुआ। बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिलाएं लाल झंडा और डंडा लेकर सड़कों पर उतरे। “बदलो सरकार, बचाओ बिहार” के नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को बुलंद किया।
प्रदर्शनकारी प्रशासन और सरकार की विफलताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समाहरणालय पहुंचे। उन्होंने जन वितरण प्रणाली को मजबूत करने, बिना वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों के घरों की बिजली कटौती रोकने, सभी गरीबों को बिना भेदभाव पक्का मकान देने, जरूरतमंदों को वृद्धा और विधवा पेंशन देने, बेरोजगारों को रोजगार या ₹10,000 बेरोजगारी भत्ता देने और किसानों व गरीबों को मुफ्त बिजली देने की मांग की।
दल्लू चौक, कटरा चौक और चांदनी चौक होते हुए प्रदर्शनकारी समाहरणालय के मुख्य द्वार पहुंचे। जिलाधिकारी से मिलने की मांग की गई। समाहरणालय गेट पर प्रदर्शन आमसभा में बदल गया। सभा की अध्यक्षता सीपीआई नेता चंद्रभूषण प्रसाद ने की, जबकि संचालन अरुण कुमार यादव ने किया।
सीपीआई और सीपीएम नेताओं ने कहा कि शेखपुरा समेत पूरे बिहार में आम जनता भय और आतंक के माहौल में जीने को मजबूर है। जिस राज्य में पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं, वहां आम जनता की सुरक्षा की क्या गारंटी होगी। नेताओं ने कहा कि बीते 20 वर्षों से एनडीए सरकार के शासन में बिहार की हालत बदतर हो गई है।