दरभंगा: बिहार में शराबबंदी के बीच दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) की इमरजेंसी बिल्डिंग के पास कथित शराब पार्टी का CCTV वीडियो सामने आने से हड़कंप मच गया है। वायरल फुटेज में कुछ लोग कोल्ड ड्रिंक और खाने-पीने के सामान के साथ बैठे दिखाई देते हैं। वीडियो में तीन महिलाओं और एक पुरुष के शराब पीने का दावा किया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
CCTV फुटेज में क्या दिखा?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वायरल वीडियो अस्पताल की नई इमरजेंसी बिल्डिंग में सीढ़ियों के पास बने बरामदे का बताया जा रहा है। फुटेज में शुरुआत में दो महिलाएं खाने-पीने का सामान लेकर बैठी दिखाई देती हैं, जबकि एक अन्य महिला सीढ़ियों के पास खड़ी नजर आती है। बाद में कुछ पुरुष वहां पहुंचते हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में एक व्यक्ति कथित तौर पर शराब निकालकर देता दिखाई देता है। इसके बाद कुछ लोग पेय तैयार करते और उसका सेवन करते नजर आते हैं। वीडियो में एक पुरुष के गले में DMCH नाम वाला आईडी कार्ड का फीता भी दिखाई देने की बात कही गई है।
हालांकि, केवल आईडी कार्ड के फीते या वायरल वीडियो के आधार पर संबंधित लोगों के पद और रोजगार की स्थिति की पुष्टि नहीं की जा सकती। उनकी पहचान और भूमिका की जांच की जा रही है।
SSP के निर्देश पर FIR दर्ज
वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने मामले का संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर बेंता थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अब अस्पताल की पूरी CCTV फुटेज हासिल कर घटना के क्रम और उसमें शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। <Cite refs={[“turn333089search0″,”turn333089search1”]}/>
सदर SDPO राजीव कुमार के मुताबिक, पुलिस ने वायरल फुटेज देखा है। आगे की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और कथित गतिविधि में किसकी क्या भूमिका थी। पहचान और साक्ष्यों के सत्यापन के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। <Cite refs={[“turn333089search0″,”turn333089search1”]}/>
वीडियो पर अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सवाल
अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे संवेदनशील परिसर में कथित शराब सेवन का वीडियो सामने आने से सुरक्षा, निगरानी और कर्मचारियों के अनुशासन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में वीडियो में दिख रहे लोगों को आउटसोर्सिंग कर्मी बताया गया है। हालांकि, वायरल फुटेज की तारीख, उसमें शामिल सभी लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की पुष्टि आधिकारिक जांच से होना बाकी है।
अब जांच के नतीजों पर नजर
इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। CCTV फुटेज के दूसरे हिस्सों की पड़ताल और संबंधित लोगों की पहचान से घटना की परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून और सेवा नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि अस्पताल परिसर में कथित तौर पर हुई इस गतिविधि में कौन लोग शामिल थे और घटना किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस जांच के बाद ही इसकी पूरी तस्वीर सामने आएगी।
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