मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा जिले में एक नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पिता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, बेटी के प्रेम-प्रसंग की चर्चा से नाराज पिता ने उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया था। घटना के छह दिन बाद लड़की का शव घर से करीब 15 किलोमीटर दूर नदी से बरामद किया गया। मामले में एक चौंकाने वाला पहलू यह भी सामने आया कि आरोपी पिता ने ही बेटी के लापता होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी।
घटना शंकरपुर थाना क्षेत्र के गोरराहा गांव की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान दिनेश कुमार के रूप में हुई है। मामले की जांच के दौरान परिवार के सदस्यों के बयानों में विरोधाभास मिलने के बाद पुलिस ने पूछताछ तेज की। इसी दौरान मृतका की छोटी बहन ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन की हत्या पिता ने की थी।
11 अक्टूबर को थाने पहुंचकर दर्ज कराई गुमशुदगी की शिकायत
पुलिस के अनुसार, दिनेश कुमार ने 11 अक्टूबर को शंकरपुर थाने में आवेदन दिया था कि उसकी बेटी घास काटने गई थी और वापस नहीं लौटी। इस शिकायत के आधार पर थाना कांड संख्या 233/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान परिजनों के बयानों में अंतर सामने आया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले के खुलासे के लिए विशेष टीम गठित की। टीम ने तकनीकी सहायता, गुप्त सूचना और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर मृतका की मां, छोटी बहन और अन्य लोगों से पूछताछ की।
इसी क्रम में छोटी बहन ने पुलिस को बताया कि उसने अपने पिता को बहन की हत्या करते देखा था। इस बयान के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की, जिसमें पुलिस के मुताबिक उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
प्रेम-प्रसंग की चर्चा से नाराज होने की बात कबूली
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि गांव के एक युवक के साथ उसकी बेटी के प्रेम-प्रसंग की चर्चा होने लगी थी। बेटी के फोन पर बात करने की जानकारी मिलने के बाद वह नाराज था। उसे आशंका थी कि इस रिश्ते से परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होगी।
पुलिस का कहना है कि इसी नाराजगी में आरोपी ने बेटी की हत्या करने का फैसला किया। हालांकि, मामले की विस्तृत जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सभी तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।
हत्या के बाद शव बोरी में रखकर नदी में फेंकने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि 7 अक्टूबर की रात उसकी बेटी घर में सो रही थी, तभी उसने उस पर हमला किया। इसके बाद शव को जूट की बोरी में रखकर मोटरसाइकिल से ले जाने और नदी में फेंकने की बात सामने आई है।
आरोपी पर वारदात के बाद सबूत मिटाने की कोशिश करने का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार, उसने खून से सने बिस्तर और कपड़े जला दिए थे। जांच में यह भी सामने आया कि घटना देखने वाली छोटी बेटी को कथित तौर पर डराकर नानी के घर भेज दिया गया था, ताकि वह किसी को कुछ न बताए।
बाद में छोटी बेटी ने अपनी मां को घटना के बारे में बताया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद परिवार के भीतर घटना को लेकर संदेह बढ़ा और जांच में अहम जानकारी मिली।
छह दिन बाद नदी से बरामद हुआ शव
बुधवार शाम करीब चार बजे सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के मजरहट नदी से नाबालिग का शव बरामद किया गया। सदर एसडीपीओ अजय कुमार ने बताया कि शव जूट की बोरी में बंद था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
डीएसपी चेतनानंद झा के अनुसार, आरोपी ने शुरुआत में बेटी के लापता होने की शिकायत की थी। मामले की जांच के दौरान सामने आए बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।
पुलिस जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
इस मामले में पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। शव बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं की जा रही हैं। पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्यों को जुटाकर मामले की आगे जांच कर रही है।
यह घटना परिवार के भीतर सामाजिक प्रतिष्ठा और कथित प्रेम-प्रसंग को लेकर पैदा हुए तनाव के गंभीर परिणामों की ओर ध्यान खींचती है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
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