शेखपुरा: शेखपुरा थाना क्षेत्र के चर्चित स्कूटी और दो लाख रुपये चोरी मामले में लंबे समय बाद न्यायालय की कार्रवाई से नया मोड़ सामने आया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, शेखपुरा ने मामले में प्रथम दृष्टया अपराध का संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी में नामजद चार आरोपियों के खिलाफ समन जारी करने का आदेश दिया है। न्यायालय की इस कार्रवाई के बाद अब सभी चार आरोपियों को कोर्ट के समक्ष उपस्थित होना होगा। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
मामला 3 जनवरी 2024 का बताया जाता है। चढ़िहारी टोला निवासी यासिर इकबाल के अनुसार, उनकी बहन की शादी की तैयारी चल रही थी। इसी सिलसिले में वह मार्केटिंग के लिए घर से निकलने वाले थे। उस समय उनकी सफेद रंग की स्कूटी, जिसका नंबर BR-21-Q-9548 बताया गया है, घर के पास थी। पीड़ित के मुताबिक स्कूटी की डिक्की में दो लाख रुपये नकद रखे हुए थे। इसी दौरान स्कूटी चोरी हो गई। दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
पीड़ित ने काफी खोजबीन की, लेकिन स्कूटी और उसमें रखी नकदी का पता नहीं चल सका। इसके बाद कुछ लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पीड़ित ने शेखपुरा थाना में आवेदन देकर सैयद गजाली नसर, सैयद शाहिद नसर, सैयद जाहिद नसर और अशफाक गालिब के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आवेदन के आधार पर शेखपुरा थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 379 के तहत कांड संख्या 28/24 दर्ज किया गया।
पुलिस की अंतिम रिपोर्ट के बाद कोर्ट पहुंचे पीड़ित
मामले में पुलिस की ओर से जांच के बाद न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट/चार्जशीट दाखिल किए जाने की बात सामने आई। पीड़ित ने पुलिस की कार्रवाई से असहमति जताते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की और चोरी गई स्कूटी व दो लाख रुपये की बरामदगी भी नहीं हो सकी। पीड़ित ने पुलिस पर आरोपियों के साथ मिलीभगत और लेन-देन का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का पक्ष इस विवरण में उपलब्ध नहीं है।
पीड़ित की ओर से न्यायालय में रखे गए मामले पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्राथमिकी में नामजद चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 379 के तहत प्रथम दृष्टया अपराध का संज्ञान लिया। इसके साथ ही न्यायालय ने चारों आरोपियों के खिलाफ समन निर्गत करने का आदेश दिया।
अब 29 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
न्यायालय के आदेश के बाद अब मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी। इस तारीख पर आरोपियों की न्यायालय में उपस्थिति और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। करीब दो साल पुराने इस मामले में कोर्ट के संज्ञान के बाद पीड़ित पक्ष को न्यायिक प्रक्रिया के जरिए आगे कार्रवाई की उम्मीद है।
पीड़ित ने अपनी स्कूटी को लेकर एक और गंभीर आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि चोरी गई स्कूटी का कहीं गलत इस्तेमाल कर उन्हें किसी दूसरे मामले में फंसाने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने स्कूटी में हथियार या प्रतिबंधित नशीले पदार्थ रखकर फंसाने की आशंका व्यक्त की है। यह फिलहाल पीड़ित की आशंका है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अन्य मामलों का भी दिया गया हवाला
पीड़ित पक्ष की ओर से यह भी दावा किया गया है कि चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ अन्य आपराधिक मामलों में पुलिस ने न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किए हैं। उन मामलों में भी न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने तथा समन या वारंट जारी किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इन दावों की विस्तृत स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के उपलब्ध विवरण से नहीं की जा सकती।
अब इस पुराने चोरी कांड में न्यायालय के संज्ञान और चारों आरोपियों के खिलाफ जारी समन ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। 29 अक्टूबर की सुनवाई पर यह स्पष्ट होगा कि आरोपी न्यायालय में उपस्थित होते हैं और मामले की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है। फिलहाल न्यायालय के संज्ञान से मामले में पीड़ित की ओर से उठाए गए सवालों पर न्यायिक स्तर पर सुनवाई का रास्ता खुल गया है।
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