अररिया: फारबिसगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी रंधीर लाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वित्तीय अनियमितता और करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी के मामले में मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना की पुलिस ने उनके आवास और कार्यालय में छापेमारी की, लेकिन गिरफ्तारी से पहले ही EO फरार हो गए।
साहेबगंज थाना की पुलिस ने फारबिसगंज थाना पुलिस के सहयोग से देर रात रंधीर लाल के आवास पर दबिश दी। इसके बाद शनिवार को फारबिसगंज नगर परिषद कार्यालय में भी छापेमारी की गई। हालांकि दोनों जगहों पर पुलिस को EO नहीं मिले। बताया जा रहा है कि उनका मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा है।
2 करोड़ 75 लाख रुपये की वित्तीय गड़बड़ी का आरोप
पुलिस के अनुसार, रंधीर लाल पर आरोप है कि साहेबगंज नगर परिषद में कार्यपालक पदाधिकारी रहते हुए उन्होंने नियमों को दरकिनार कर कई सामग्रियों की खरीद की और विभागीय निर्देशों का उल्लंघन किया।
मामले में नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के बाद साहेबगंज थाना में केस दर्ज किया गया है। उन पर बीएनएस की धारा 316(5) और 318(4) के तहत कार्रवाई चल रही है।
स्ट्रीट लाइट से CCTV खरीद तक में जांच
आरोप है कि साहेबगंज नगर परिषद में उनके कार्यकाल के दौरान जेम पोर्टल के माध्यम से करीब 3000 स्ट्रीट लाइट, रिफ्यूज कॉम्पेक्टर, हाई मास्ट लाइटिंग टावर और CCTV उपकरणों की खरीद में भारी अनियमितता बरती गई।
पुलिस टीम ने फारबिसगंज नगर परिषद कार्यालय में काफी देर तक जांच की और प्रधान सहायक समेत कई कर्मचारियों से पूछताछ की।
कोर्ट से राहत नहीं, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
जांच अधिकारी कुणाल कुमार ने बताया कि आरोपी EO ने अग्रिम जमानत के लिए मुजफ्फरपुर कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने राहत देने से इनकार करते हुए गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है।
फिलहाल पुलिस रंधीर लाल की तलाश में जुटी है। करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता के इस मामले में अब प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
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