बेगूसराय/मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में बिहार कनेक्शन सामने आने के बाद बेगूसराय में भी हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में ऋतिक कुमार नाम के युवक का जिक्र आया है, जो मूल रूप से बेगूसराय जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से दावा किया गया है कि ऋतिक समेत तीन संदिग्ध इस वारदात में शामिल थे। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
जानकारी के अनुसार, ऋतिक कुमार की उम्र करीब 22 वर्ष बताई गई है। उसके पिता रामू महतो बेगूसराय के पिपरा इलाके में कपड़े और नाश्ते की छोटी दुकान चलाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ऋतिक मुंबई के अंधेरी इलाके में रह रहा था और वहां काम करता था। अलग-अलग बयानों में उसके काम को लेकर अंतर सामने आया है—कहीं उसे बाइक राइडर बताया गया है, तो कहीं गेस्ट हाउस में काम करने की बात कही गई है।
बेगूसराय में घर पहुंची पुलिस, परिवार से पूछताछ
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई से मिली सूचना के बाद बेगूसराय पुलिस ने ऋतिक के परिवार और स्थानीय पते के बारे में जानकारी जुटाई। रतनपुर थाना की पुलिस उसके पिता के पास पहुंची और पूछताछ की। रिपोर्ट में ऋतिक के परिवार के स्थायी और वर्तमान पते को लेकर भी जानकारी दी गई है।
पुलिस की पूछताछ के बाद परिवार के लोग ऋतिक से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसका मोबाइल बंद होने की बात कही गई है। उसके मामा छोटू महतो ने बताया कि परिवार ने टीवी पर खबर देखी और नाम-पते की जानकारी मिलने के बाद चिंता बढ़ गई। उन्होंने कहा कि करीब दो महीने से ऋतिक से उनकी बातचीत नहीं हुई थी।
पिता बोले—‘मेरा बेटा ऐसा नहीं कर सकता’
ऋतिक के पिता रामू महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका बेटा करीब दो महीने पहले काम के सिलसिले में मुंबई गया था और वहीं रह रहा था। उनके मुताबिक, पुलिस घर आई थी और उसने मामले को लेकर जानकारी ली।
पिता ने अपने बेटे पर लगे आरोपों को लेकर अविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि वह ऋतिक से फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा है।
परिवार का पक्ष इस मामले का एक अहम पहलू है, लेकिन किसी भी व्यक्ति की भूमिका का निर्धारण पुलिस की जांच और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
टाइगर श्रॉफ की कार पर कैसे हुई फायरिंग?
रिपोर्ट के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 की शाम करीब सात बजे मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद कार से लौट रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाया।
मीडिया रिपोर्ट में कार पर पांच राउंड फायरिंग किए जाने का दावा किया गया है। टाइगर श्रॉफ को गोली लगने की बात नहीं कही गई, हालांकि उनके हाथ में बारूद और कांच के टुकड़ों से चोट आने की जानकारी दी गई। उनके ड्राइवर के घायल होने की भी खबर है।
घटना के बाद अभिनेता की सुरक्षा और हमले के पीछे की वजह को लेकर सवाल उठे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या हमलावरों को अभिनेता की नियमित गतिविधियों की जानकारी थी और क्या वारदात से पहले उनकी रेकी की गई थी।
बाइक बरामद, दूसरे राज्यों तक जांच
रिपोर्ट के मुताबिक, वारदात के बाद संदिग्ध बाइक को अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर वहां से निकल गए थे। पुलिस ने बाइक बरामद करने और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की आवाजाही का पता लगाने की बात कही है।
मामले की जांच मुंबई से आगे गुजरात और राजस्थान तक पहुंचने की जानकारी भी मीडिया रिपोर्ट में दी गई है। जांच एजेंसियां कथित तौर पर आरोपियों के संपर्कों, यात्रा और वारदात से पहले की गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं।
बिहार कनेक्शन से उठे कई सवाल
ऋतिक कुमार का नाम सामने आने के बाद इस मामले में कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। वह मुंबई में किन लोगों के संपर्क में था? उसकी भूमिका क्या थी? क्या उसे किसी ने इस वारदात के लिए प्रेरित किया था? और क्या बिहार में उसके परिवार को उसकी गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी थी?
फिलहाल, इन सवालों पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। परिवार ने आरोपों की जानकारी होने से पहले अनभिज्ञता जताई है, जबकि पुलिस जांच में जुटी है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बेगूसराय का नाम जुड़ना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय जरूर है, लेकिन ऋतिक की कथित भूमिका और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि आधिकारिक जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया से ही होगी।
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