रजिस्ट्रेशन के नाम शिवा प्रोटक्शन कम्पनी ने गार्डों से मांग रही है 15 हज़ार रुपए, सीपीआई करेगी आंदोलन
सीपीआई ने कहा कि शिवा प्रोटक्शन प्राइवेट कंपनी ने पसारा एक्ट 2005 और बिहार राज्य निजी सुरक्षा एजेंसी अधिनियम 2011 की धज्जियां उड़ा दी हैं। कंपनी मानवता को भी शर्मसार कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी गार्ड से रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 15 हजार रुपए मांग रही है। यह पूरी तरह से गैरकानूनी है। गार्ड को मिलने वाले वेतन से ज्यादा फीस ली जा रही है। छह-छह महीने का वेतन बकाया है। वेतन मांगने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि एटक इस लूट के खिलाफ जरूरत पड़ी तो आंदोलन करेगा।

शेखपुरा में बिहार स्टेट सिक्योरिटी गार्ड एवं एलाइड वर्कर्स यूनियन (एटक) का गठन किया गया। कार्यानंद शर्मा भवन, लोकनाथ आजाद पथ, स्टेशन रोड पर एकदिवसीय सम्मेलन हुआ। जिसकी अध्यक्षता विनय कुमार ने की। सम्मेलन में बड़ी संख्या में अस्पताल, बैंक और अन्य संस्थानों में कार्यरत गार्ड शामिल हुए।
पटना से आए यूनियन के महासचिव और एटक बिहार के कोषाध्यक्ष अमरनाथ ने कहा कि शिवा प्रोटक्शन प्राइवेट कंपनी ने पसारा एक्ट 2005 और बिहार राज्य निजी सुरक्षा एजेंसी अधिनियम 2011 की धज्जियां उड़ा दी हैं। कंपनी मानवता को भी शर्मसार कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी गार्ड से रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 15 हजार रुपए मांग रही है। यह पूरी तरह से गैरकानूनी है। गार्ड को मिलने वाले वेतन से ज्यादा फीस ली जा रही है। छह-छह महीने का वेतन बकाया है। वेतन मांगने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि एटक इस लूट के खिलाफ जरूरत पड़ी तो आंदोलन करेगा।
प्रभात कुमार पांडे और अशोक कुमार ने कहा कि गार्ड अपनी जान की परवाह किए बिना सरकारी संपत्ति की सुरक्षा करते हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो उचित वेतन मिलता है, न समय पर भुगतान होता है। PF और ESI की जानकारी भी नहीं दी जाती। बड़े पैमाने पर शोषण हो रहा है। प्रभात कुमार पांडेय ने कहा कि एटक का गठन आजादी से पहले हुआ था। तब से मजदूरों के अधिकार के लिए संघर्ष जारी है। अब भी अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ी जाएगी।
सम्मेलन में 25 सदस्यीय कमेटी का गठन हुआ। अध्यक्ष प्रभात कुमार पांडेय, महासचिव अशोक कुमार, उपाध्यक्ष सुधीर कुमार, गुड्डू कुमार, सूरज कुमार, मुन्ना कुमार, सुमित्रा कुमारी बने। सचिव पद पर विनय कुमार, सूर्यकांत प्रसाद, चंदन कुमार, मृत्युंजय कुमार, मणिमाला कुमारी चुने गए। कोषाध्यक्ष दिनेश प्रसाद बने। संगठन सचिव के रूप में सौरभ कुमार, विमल यादव, अमोद कुमार, सौरभ कुमार समेत कई सदस्य चुने गए।
बैठक में कई गार्डों ने अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार की जानकारी दी। समय पर वेतन न मिलना, उचित वेतन न मिलना, नौकरी से निकालने की धमकी, जबरन रजिस्ट्रेशन फीस वसूली, PF और ESI की जानकारी न देना प्रमुख शिकायतें रहीं। सबसे ज्यादा शिकायतें शिवा प्रोटक्शन प्राइवेट कंपनी के खिलाफ आईं। बैठक में अन्य वक्ता भी मौजूद रहे।
सर्वसम्मति से तय हुआ कि समस्याओं का समाधान बातचीत से किया जाएगा। अगर बात नहीं बनी तो आंदोलन होगा।