दानापुर: ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के तहत दानापुर मंडल के मंडल पर्यावरण एवं गृह व्यवस्था प्रबंधन विभाग की ओर से रेलवे स्कूल दानापुर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) 2026 पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान के साथ हुई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित संगोष्ठी में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (BSPCB) के वरीय वैज्ञानिक ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को ठोस कचरा प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घर और संस्थानों से निकलने वाले कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग करना प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
संगोष्ठी के दौरान गीले, सूखे और घरेलू हानिकारक कचरे के पृथक्करण के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही दैनिक जीवन में Reduce, Reuse और Recycle यानी 3R सिद्धांत अपनाने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों को अनावश्यक कचरा कम करने, उपयोगी वस्तुओं का दोबारा इस्तेमाल करने और पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग रखने के व्यावहारिक तरीके भी बताए गए।
एकल उपयोग वाले प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। वरीय वैज्ञानिक ने छात्रों से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाने की अपील करते हुए उन्हें ‘स्वच्छता दूत’ की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के बीच चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके अलावा स्वच्छता और सामान्य ज्ञान विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी हुई। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन डीईएनएचएम विनय कुमार और रेलवे स्कूल के प्राचार्य ज्ञानेश्वर के मार्गदर्शन में किया गया। अधिकारियों ने स्वच्छता अभियान को केवल कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
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