
पटना। राजधानी पटना के गांधी मैदान में शुक्रवार को एक विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने राजद के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी करते हुए लालू यादव पर अपने शासनकाल के दौरान बिहार को नक्सलवाद और जातीय हिंसा की आग में झोंकने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि लालू यादव के शासन में मियाँपुर में यादवों, दलेलचक बघौरा में राजपूतों, बारा, सेनारी, अईरा और रामपुर चौरम में भूमिहारों, शंकरबीघा में अतिपिछड़ों, और बेलछी में धानुक व पासवान समाज के सैकड़ों लोगों की हत्याएं हुईं। लोगों ने कहा कि यह घटनाएं साबित करती हैं कि लालू शासन काल बिहार के लिए ‘काल युग’ था।
प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए चारा घोटाले को भी उजागर किया और लालू यादव को “बिहार का सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी” बताया।
साथ ही, तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा गया कि वे “अनुकंपा पर राजनीति” कर रहे हैं और अपनी विरासत के सहारे जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि खुद की कोई राजनीतिक हैसियत नहीं बना सके हैं।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद रही।