लखीसराय: शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सोमवार की सुबह लाल इंटरनेशनल स्कूल में भक्ति और श्रद्धा से भरा माहौल देखने को मिला। विद्यालय के प्रार्थना सत्र के दौरान शिक्षकों के साथ छात्र-छात्राओं ने मां दुर्गा की द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की। इस विशेष अवसर पर विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। मां दुर्गा के प्रति आस्था और श्रद्धा व्यक्त करते हुए शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया।
नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मां ब्रह्मचारिणी को तप, त्याग, संयम, साधना और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि उनकी आराधना से जीवन में धैर्य, आत्मबल और सकारात्मकता की प्रेरणा मिलती है। इसी धार्मिक भावना के साथ लाल इंटरनेशनल स्कूल में सुबह के प्रार्थना सत्र को विशेष रूप दिया गया।
मां दुर्गा की चुनरी ओढ़कर पूजा में शामिल हुए बच्चे
विद्यालय में आयोजित इस विशेष प्रार्थना सत्र के दौरान सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने मां दुर्गा की चुनरी धारण की। चुनरी ओढ़े बच्चों के चेहरों पर आस्था, श्रद्धा, भक्ति और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। नवरात्र के इस पावन अवसर पर बच्चों ने धार्मिक भावनाओं के साथ मां दुर्गा की आराधना की और विद्यालय के माहौल को भक्तिमय बना दिया।
आमतौर पर विद्यालयों में सुबह का प्रार्थना सत्र बच्चों को अनुशासन, सकारात्मक सोच और अच्छे संस्कारों की सीख देने का माध्यम होता है। वहीं, त्योहारों के अवसर पर इस तरह की विशेष गतिविधियां बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और पर्वों के महत्व से परिचित कराने में भी सहायक होती हैं।
लाल इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों की भागीदारी ने नवरात्र के उत्सव को खास बना दिया। सभी ने श्रद्धा और उत्साह के साथ पूजा में हिस्सा लिया। मां दुर्गा की चुनरी धारण कर प्रार्थना सत्र में शामिल हुए बच्चों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति लगाव की झलक देखने को मिली।
आस्था और संस्कारों का संदेश देता विशेष प्रार्थना सत्र
नवरात्र केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं है, बल्कि यह शक्ति, साधना, अनुशासन और सकारात्मक विचारों का संदेश भी देता है। मां ब्रह्मचारिणी की आराधना को तपस्या, संयम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में विद्यालय के प्रार्थना सत्र में उनकी पूजा का आयोजन बच्चों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष रहा।
इस तरह के आयोजन बच्चों को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही, वे सामूहिक भागीदारी, आपसी सहयोग और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने का अनुभव भी प्राप्त करते हैं। लाल इंटरनेशनल स्कूल में नवरात्र के दौरान आयोजित यह प्रार्थना सत्र इसी भावना को दर्शाता नजर आया।
डायरेक्टर मुकेश कुमार और प्राचार्य मनीषा कुमारी रहीं मौजूद
इस अवसर पर लाल इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर मुकेश कुमार और प्राचार्य मनीषा कुमारी भी मौजूद रहीं। शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय प्रबंधन की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष स्वरूप दिया।
विद्यालय में नवरात्र के दूसरे दिन आयोजित इस धार्मिक गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। सुबह के प्रार्थना सत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। छात्र-छात्राओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
नवरात्र पर विद्यालय में दिखी भक्ति और उत्साह की झलक
शारदीय नवरात्र के दौरान देशभर में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। मंदिरों और पूजा पंडालों के साथ-साथ कई शिक्षण संस्थानों में भी इस पर्व को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। लाल इंटरनेशनल स्कूल में सोमवार सुबह आयोजित विशेष प्रार्थना सत्र में भी इसी धार्मिक उत्साह की झलक देखने को मिली।
मां दुर्गा की चुनरी ओढ़े बच्चों ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा में भाग लिया। उनके चेहरों पर दिखाई दे रहा उत्साह कार्यक्रम की विशेषता रहा। शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यालय प्रबंधन की मौजूदगी में संपन्न इस आयोजन ने शिक्षा के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से जुड़ाव का संदेश दिया।
लाल इंटरनेशनल स्कूल में नवरात्र के दूसरे दिन आयोजित मां ब्रह्मचारिणी की आराधना ने विद्यालय परिसर को भक्तिमय बना दिया। बच्चों की श्रद्धा, शिक्षकों की सहभागिता और विद्यालय प्रबंधन की उपस्थिति के बीच कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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