नालंदा: नालंदा जिले के राजगीर स्थित संस्कार सेवा सदन में आयोजित भाजपा के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्याख्यान कार्यक्रम में बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने भ्रष्टाचार को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मंच से साफ कहा कि यदि कोई सीओ, राजस्व कर्मचारी या अधिकारी काम के बदले पैसे मांगता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि ऐसी शिकायत मिलने पर जनता तुरंत विजिलेंस को सूचना दे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों को केवल निलंबित ही नहीं किया जाएगा, बल्कि उनकी सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। उन्होंने इसे सरकार की “जीरो टॉलरेंस नीति” का हिस्सा बताया और कहा कि पारदर्शिता व ईमानदारी प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और योगदान को याद करते हुए मंत्री ने कहा कि वे अद्भुत प्रतिभा के धनी थे, जिन्होंने कम उम्र में ही कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति जैसे महत्वपूर्ण पद को संभाला था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार उनके विचारों और सपनों को साकार करने की दिशा में काम कर रही है।
मंत्री ने यह भी कहा कि बिहार में अधिकांश भूमि विवादों की जड़ जमीन से जुड़ी समस्याएं हैं। इसे खत्म करने के लिए राज्य सरकार तेजी से भूमि सर्वे का कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सर्वे पूरा होने के बाद राज्य के लगभग 90 प्रतिशत भूमि विवाद समाप्त हो जाएंगे।
कार्यक्रम में भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने भी संबोधन दिया और केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर बिहारशरीफ विधायक डॉ. सुनील कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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