लखीसराय: बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों पर बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर सरकार के समक्ष गंभीर चिंता जताई है। संघ ने उपमुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से उत्पन्न समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है।
संघ का कहना है कि बिहार सरकार द्वारा एक ओर जहां नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से दूर रखने की बात कही गई है, वहीं दूसरी ओर जिला स्तर पर शिक्षकों को जनगणना जैसे कार्यों में लगाया जा रहा है, जिससे पढ़ाई बाधित हो रही है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि राज्य के कई स्कूलों में सुबह 6:30 बजे से कक्षाएं संचालित होती हैं, जिसके लिए शिक्षकों को तड़के 4 बजे से तैयारी करनी पड़ती है। इसके बावजूद उन्हें 8-9 किलोमीटर दूर जाकर गणना कार्य करने का निर्देश दिया जा रहा है, जो अव्यावहारिक और परेशान करने वाला है।
संघ ने मांग की है कि जनगणना कार्य में शिक्षकों के बजाय पंचायत से लेकर जिला स्तर तक के अन्य सरकारी कर्मियों को लगाया जाए। विशेष परिस्थिति में केवल उन शिक्षकों को शामिल किया जाए, जिनके स्कूल दिन के समय संचालित होते हैं, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
संघ के महासचिव और पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने सरकार से अनुरोध किया है कि सुबह 9:30 बजे से जनगणना कार्य करने संबंधी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, ताकि शिक्षक बिना तनाव के शैक्षणिक कार्य कर सकें।
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