पटना: बिहार विधानसभा का 106वां स्थापना दिवस समारोह शनिवार को पटना में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विधानसभा भवन और परिसर को विशेष रूप से सजाया गया, जहां कोलकाता से मंगाए गए फूलों से आकर्षक सजावट की गई थी। समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने ओम बिरला को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NEVA) के तहत डिजिटल हाउस का उद्घाटन किया। इस मौके पर “सशक्त विधायक-सशक्त लोकतंत्र” विषय पर चर्चा आयोजित की गई, जिसमें राज्य सरकार के मंत्री, नेता प्रतिपक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विचार रखे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि विधानसभाएं मजबूत नेतृत्व तैयार करने का मंच हैं और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के अंत तक देश की सभी विधानसभाओं का डिजिटाइजेशन करने का लक्ष्य है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि इतिहास से प्रेरणा लेकर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने नई पहचान बनाई है। वहीं केंद्रीय मंत्री किरेण रिजिजू ने कहा कि बिहार से देश को बहुत कुछ सीखने को मिला है और डिजिटल विधान व्यवस्था से विधायकों का काम आसान होगा।
कार्यक्रम में विधानसभा और विधान परिषद के कई वरिष्ठ नेताओं ने लोकतंत्र की मर्यादा, सदन की गरिमा और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर जोर दिया। संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समारोह में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने शुभकामनाएं भेजीं।