कटिहार: बिहार के कटिहार जिले से कानून को अपने हाथ में लेने का मामला सामने आया है। सालमारी थाना क्षेत्र में दुकान से ग्राइंडर मशीन चोरी करने के संदेह में दो युवकों को कथित तौर पर नारियल के पेड़ से रस्सी के सहारे बांधकर पीटा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चोरी के आरोप में पेड़ से बांधे गए दो युवक
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को सालमारी थाना क्षेत्र के सोहरागाछी के आसपास दो युवकों पर एक दुकान से ग्राइंडर मशीन चोरी करने का आरोप लगाया गया। इसी संदेह में कुछ लोगों ने दोनों युवकों को नारियल के पेड़ से रस्सी के सहारे बांध दिया।
आरोप है कि इसके बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से उनकी पिटाई की। वायरल वीडियो में घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई।
हालांकि, युवकों पर लगाए गए चोरी के आरोप की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि ग्राइंडर मशीन चोरी होने के मामले में पुलिस को क्या-क्या साक्ष्य मिले हैं।
वीडियो वायरल होते ही सक्रिय हुई सालमारी पुलिस
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद सालमारी पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और जांच शुरू की। इस संबंध में सालमारी थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष निपुण कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 194/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने की बात कही गई है। इस धारा और प्राथमिकी के सटीक विवरण की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। मामले की जांच की जा रही है।
चोरी का शक कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं
इस घटना ने एक बार फिर भीड़ द्वारा खुद फैसला सुनाने और कानून हाथ में लेने के गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसी व्यक्ति पर चोरी का संदेह होने पर पुलिस को सूचना देना और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। आरोप की जांच करना और दोष तय करना कानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया का काम है।
किसी को पेड़ से बांधकर पीटना अपने आप में गंभीर मामला हो सकता है। चोरी का आरोप सही साबित होने पर भी किसी व्यक्ति को खुद सजा देने का अधिकार नहीं मिल जाता।
अब जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और घटनाक्रम की जांच में जुटी है। मामले में किन लोगों की भूमिका सामने आती है और आगे क्या कार्रवाई होती है, यह जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।
कटिहार की इस घटना ने एक जरूरी सवाल खड़ा किया है—क्या चोरी के संदेह में किसी को भीड़ के हवाले कर देना न्याय है? कानून के मुताबिक, आरोप की जांच जरूरी है और किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट की जगह कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
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