हाजीपुर: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर स्थित रामपुर गांव में 13 बच्चों की मौत के दर्दनाक नाव हादसे के बाद एक बार फिर माहौल गरमा गया। जिस गांव में पीड़ित परिवारों के बीच शोक और संवेदना का माहौल होना चाहिए था, वहीं श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान अचानक विवाद भड़क उठा। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान JDU युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव अजीत यादव और पूर्व मुखिया गगन राय के बीच ऐसी बहस छिड़ी कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।
आरोप है कि देखते ही देखते कुछ लोगों ने अजीत यादव के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में उनके नाक पर चोट आई और कुर्ता फट गया। घायल नेता को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अब इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अचानक कैसे भड़क उठा विवाद?
जानकारी के मुताबिक, राघोपुर के रामपुर गांव में बीते 13 तारीख को नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत हुई थी। इस दुखद घटना के बाद प्रभावित परिवारों से मिलने और उन्हें सांत्वना देने के लिए प्रशांत किशोर गांव पहुंचे थे।
बताया जाता है कि प्रशांत किशोर ने मृतक बच्चों के परिजनों से मुलाकात की और हादसे को लेकर उनकी बातें सुनीं। वहां ग्रामीणों की भीड़ जुटी थी। लोग अपनी समस्याएं, शिकायतें और हादसे से जुड़े सवाल सामने रख रहे थे। इसी दौरान JDU युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव अजीत यादव भी वहां पहुंचे और घटना को लेकर अपनी बात रखने लगे।
लेकिन बातचीत के दौरान उठे सवालों ने माहौल को गर्म कर दिया। देखते ही देखते बहस तेज हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
मिट्टी कटाव और मुखिया की भूमिका पर सवाल, फिर आमने-सामने आए नेता
बताया जा रहा है कि अजीत यादव ने हादसे वाली जगह पर मिट्टी के कटाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्थानीय मुखिया की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। इसी बात को लेकर RJD समर्थक बताए जा रहे पूर्व मुखिया गगन राय और अजीत यादव के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
शुरुआत में यह केवल कहासुनी थी, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने अजीत यादव के साथ मारपीट की। घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि, विवाद की शुरुआत किसने की और मारपीट में कौन-कौन शामिल था, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
JDU नेता पर हमला, नाक पर चोट और कुर्ता फटने का दावा
इस पूरे घटनाक्रम में अजीत यादव घायल हो गए। सामने आई जानकारी के अनुसार, उनके नाक पर चोट लगी और मारपीट के दौरान उनका कुर्ता फट गया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
घटना की तस्वीरें और वीडियो मौके पर मौजूद लोगों के मोबाइल कैमरों में कैद होने की बात कही जा रही है। यदि वीडियो उपलब्ध होते हैं, तो वे घटनाक्रम की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें मौजूद लोगों की भूमिका की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
प्रशांत किशोर से बताई आपबीती, माहौल बिगड़ने पर निकले वहां से
मारपीट के बाद अजीत यादव ने प्रशांत किशोर से अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ दबंगई की गई है। उन्होंने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी और अपनी नाराजगी जताई।
इस दौरान गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया था और मौके पर लोगों की भीड़ मौजूद थी। बताया जा रहा है कि स्थिति को देखते हुए प्रशांत किशोर वहां से निकल गए। हालांकि, उनके जाने की परिस्थितियों को लेकर उपलब्ध जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
13 बच्चों की मौत के बाद जवाबदेही का सवाल भी गरमाया
इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल नाव हादसे को लेकर उठ रही जवाबदेही का है। 13 बच्चों की मौत ने परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था, घटनास्थल की स्थिति और संबंधित जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई है।
अजीत यादव की ओर से मिट्टी कटाव और स्थानीय मुखिया की भूमिका पर सवाल उठाए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया। हालांकि, किसी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी तय करने के लिए ठोस तथ्यों और आधिकारिक जांच की जरूरत होगी।
अब पुलिस जांच पर टिकी नजरें
घटना के बाद पुलिस अधिकारियों के जांच के लिए रवाना होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि विवाद किस बात से शुरू हुआ, मारपीट में कौन-कौन शामिल था और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ।
अजीत यादव का बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही और उपलब्ध वीडियो जांच में अहम हो सकते हैं। फिलहाल, मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
रामपुर गांव में 13 बच्चों की मौत का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था कि श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मारपीट की घटना ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। अब सवाल है कि इस विवाद की सच्चाई जांच में क्या सामने आएगी और दोषी पाए जाने वालों पर क्या कार्रवाई होगी।
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