पूर्णिया: बिहार की पूर्व मंत्री एवं विधायक बीमा भारती के बेटे राजा मंडल पर अपहरण के प्रयास और फोन पर धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मामला पूर्णिया जिले के भवानीपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। इस संबंध में भवानीपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या-09 स्थित भवनदेवी टोला निवासी मो. बबलू ने पुलिस को लिखित आवेदन दिया है। पीड़ित पक्ष का दावा है कि उसने पुलिस को दो कॉल रिकॉर्डिंग भी सौंपी हैं। कथित धमकी से जुड़ा ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
हालांकि, वायरल ऑडियो में सुनाई देने वाली आवाज राजा मंडल की ही है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल सामने आए आरोप शिकायतकर्ता के आवेदन पर आधारित हैं। मामले में आरोपों की सच्चाई और घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
शराब पीने का विरोध करने पर विवाद होने का आरोप
मो. बबलू ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि 19 अक्टूबर की शाम वह अपने नवनिर्मित मकान में मौजूद थे। इसी दौरान सफेद रंग की फॉर्च्यूनर गाड़ी से राजा मंडल अपने तीन-चार साथियों के साथ वहां पहुंचे। शिकायत के अनुसार, गाड़ी पर ‘पूर्व विधायक’ लिखा बोर्ड लगा हुआ था।
आवेदन में कहा गया है कि मकान के एक कमरे में बैठकर शराब पीने का विरोध करने पर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसके बाद वहां मौजूद लोग धमकी देते हुए चले गए। शिकायतकर्ता ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को देते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।
15 वर्षीय बेटे को गाड़ी में खींचने की कोशिश का आरोप
शिकायत में मो. बबलू ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनके अनुसार, उसी रात करीब नौ बजे आरोपी पक्ष के लोग दोबारा उनके घर पहुंचे। उस समय उनका 15 वर्षीय बेटा मो. महताब आलम कमरे में सो रहा था।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बेटे को जबरन गाड़ी में खींचकर ले जाने की कोशिश की गई। इसी दौरान सूचना मिलने पर डायल 112 की पुलिस गश्ती गाड़ी मौके पर पहुंची। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोग फरार हो गए।
यह आरोप मामले को और गंभीर बनाता है। हालांकि, कथित अपहरण प्रयास के संबंध में घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और पुलिस की जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फोन पर गाली-गलौज और पूरे परिवार को धमकी देने का दावा
मो. बबलू ने आवेदन में आरोप लगाया है कि रात करीब 10 बजे उन्हें फोन किया गया। शिकायत के मुताबिक, कॉल के दौरान गाली-गलौज की गई और पूरे परिवार को गंभीर नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।
पीड़ित ने इस संबंध में दो कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपने की बात कही है। कथित धमकी का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें सुनाई देने वाली आवाज की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए ऑडियो को किसी व्यक्ति के खिलाफ निर्णायक सबूत मानने से पहले उसकी जांच जरूरी है।
भवानीपुर थाने में आवेदन, जांच पर टिकी नजरें
इस मामले में पीड़ित पक्ष ने भवानीपुर थाने में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कथित विवाद, नाबालिग बेटे को गाड़ी में ले जाने की कोशिश और फोन पर धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
अब मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि, कॉल रिकॉर्डिंग की जांच और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल इस मामले में आरोपों को साबित तथ्य नहीं माना जा सकता। राजा मंडल की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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