नोएडा: यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार रात एक दर्दनाक बस हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर AC बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं।
हादसा रात करीब 11:30 बजे जेवर एयरपोर्ट से लगभग 500 मीटर दूर, यमुना एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर 33 के पास हुआ। बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से रात करीब 9:30 बजे महोबा के लिए रवाना हुई थी। शुरुआती जांच में AC में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद आग लगने की आशंका जताई गई है।
यात्रियों का आरोप- जलने की बदबू के बावजूद नहीं रोकी बस
हादसे के बाद एक यात्री सुनील कुमार ने जेवर थाने में शिकायत दी। शिकायत के अनुसार, बस में आग लगने से पहले जलने जैसी बदबू आ रही थी। यात्रियों ने चालक और परिचालक को इसकी जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
सुनील के मुताबिक, कुछ देर बाद चालक की सीट के पास आग की लपटें दिखाई देने लगीं। यात्रियों ने बस रोकने के लिए शोर मचाया, लेकिन शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चालक ने तत्काल बस नहीं रोकी। इसके बाद यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
धुएं से भर गई बस, खिड़कियां तोड़कर निकले यात्री
प्रत्यक्षदर्शी यात्री रिंकी राजपूत के अनुसार, हादसे के वक्त ज्यादातर यात्री सो रहे थे। अचानक शोर मचा और बस में धुआं भर गया। यात्रियों ने खिड़कियां तोड़ीं और किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश की। एक अन्य घायल यात्री रेखा भारद्वाज ने बताया कि अफरा-तफरी के दौरान वह बस के अंदर गिर गईं और बाद में किसी तरह बाहर निकल सकीं।
फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद बस के पिछले हिस्से को काटकर फायरकर्मियों ने अंदर प्रवेश किया और शवों को बाहर निकाला। रेस्क्यू अभियान करीब दो घंटे तक चला।
बस पर पहले से 19 चालान, ₹1.75 लाख का जुर्माना
हादसे के बाद बस के पुराने रिकॉर्ड ने भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के अनुसार, राज कल्पना ट्रैवल्स की इस बस के खिलाफ अब तक 19 चालान हो चुके हैं और कुल ₹1,75,500 का जुर्माना लगाया गया था। पुलिस के मुताबिक, इनमें यात्रियों के साथ माल ले जाने, बिना लाइसेंस और परमिट से जुड़े चालान भी शामिल हैं। बताया गया है कि जुर्माने की राशि अब तक जमा नहीं की गई थी।
RTO के MVI संजय कुमार गुप्ता के अनुसार, बस की ऊंचाई भी निर्धारित मानक से अधिक मिली। उनके मुताबिक तय मानक 3.8 मीटर के मुकाबले बस की ऊंचाई 4.1 मीटर थी।
ड्राइवर और कंडक्टर हिरासत में
चीफ फायर ऑफिसर प्रदीप कुमार के अनुसार, शुरुआती जांच में AC में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल में आग लगने की आशंका है। आग तेजी से बस के दूसरे हिस्सों में फैल गई।
पुलिस ने मामले में ड्राइवर पवन और कंडक्टर योगेश को हिरासत में लिया है। बस को भी जब्त कर लिया गया है और संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ₹2-2 लाख की सहायता घोषित की गई है। घायलों के लिए भी आर्थिक सहायता का ऐलान किया गया है।
अब जांच का केंद्र बस में आग लगने की वास्तविक वजह, सुरक्षा मानकों और हादसे के समय चालक दल की भूमिका पर है। खास तौर पर बस के पुराने चालानों और सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर जांच में क्या सामने आता है, इस पर नजर बनी हुई है।
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