Bihar News : उर्दू दिवस के रूप में मनाई गई पूर्व स्पीकर डॉ गुलाम सरवर की 100वीं जयंती!
लखीसराय: नगर परिषद क्षेत्र के इंग्लिश मुहल्ला स्थित सामुदायिक भवन में शनिवार को बिहार विधानसभा के पूर्व स्पीकर मरहूम डॉ गुलाम सरवर की 100वीं जयंती उर्दू दिवस के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन उर्दू बेदार कमिटी की ओर से किया गया, जिसमें शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।

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कार्यक्रम का उद्घाटन वेद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ ओमप्रकाश, शिक्षक डॉ संजय कुमार, परिवर्तनकारी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनंत कुमार यादव, प्लस टू हाई स्कूल बिलौरी के प्राचार्य हसीबुर्रहमान, वरिष्ठ पत्रकार डॉ लक्ष्मी प्रसाद सिंह, कृष्णदेव प्रसाद एवं रंजीत कुमार सम्राट ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह की अध्यक्षता उर्दू बेदार कमिटी के संस्थापक एवं पूर्व वार्ड पार्षद मुहम्मद फैयाज आलम ने की।

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मुख्य अतिथि डॉ ओमप्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ गुलाम सरवर एक कुशल राजनेता, निर्भीक पत्रकार और उर्दू भाषा के सशक्त प्रवक्ता थे। उन्होंने बिहार में उर्दू को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। बेगूसराय की क्रांतिकारी धरती पर जन्मे डॉ सरवर ने शिक्षा मंत्री, कृषि मंत्री से लेकर बिहार विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया।

उन्होंने कहा कि डॉ गुलाम सरवर केवल राजनेता ही नहीं, बल्कि ‘संगम’, ‘नौजवान’ और ‘साथी’ जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के संपादक भी रहे, जिनके माध्यम से उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारिता की मिसाल कायम की। उनके लेखों ने समाज को नई दिशा दी।

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कार्यक्रम में उर्दू के शायरों, कवियों एवं नव कवयित्री अदिति मिश्रा ने काव्य पाठ प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं अब्दुल्ला रहमानी, मुहम्मद रहमत, कामरान अल्वी, फैयाज मिस्वती एवं अब्दुल लतीफ सहित कई वक्ताओं ने डॉ गुलाम सरवर के विचारों, सिद्धांतों और उर्दू भाषा के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और उर्दू भाषा के संरक्षण व प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया गया।

कृष्णदेव प्रसाद यादव, लखीसराय.






