लखीसराय समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में जिला पदाधिकारी मिथलेश मिश्रा की अध्यक्षता में राजस्व से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत सचिव और संबंधित कर्मचारियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य राजस्व से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाना तथा आम जनता को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना था। प्रशिक्षण के दौरान दाखिल-खारिज, म्यूटेशन, दखल कब्जा, चौहद्दी, डीड संख्या, शांतिपूर्ण दखलकर्ता का कब्जा, भूमि अभिलेखों में सुधार, खाता, खेसरा, रकबा और जमाबंदी संख्या से जुड़े तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों का सीधा संबंध आम जनता से होता है, इसलिए इन कार्यों का निष्पादन पूरी पारदर्शिता, तत्परता और जवाबदेही के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि दाखिल-खारिज और म्यूटेशन से जुड़े मामलों का निपटारा निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए तथा भूमि अभिलेखों में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि भूमि विवाद के समाधान में प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए सभी पदाधिकारी नियमों और प्रावधानों की पूरी जानकारी रखें तथा प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने कार्यों में करें, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने डिजिटल अभिलेखों के संधारण, भूमि रिकॉर्ड के अद्यतन और राजस्व से जुड़े कार्यों की ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में भी प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता नीरज कुमार, भूमि सुधार उपसमाहर्ता राहुल कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी पम्मी रानी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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