पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष के स्वर तेज होने लगे हैं। मनेर से आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने चुनावी हार को लेकर पार्टी नेतृत्व की रणनीति और टिकट वितरण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इशारों में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के फैसलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जमीनी कार्यकर्ताओं और मजबूत दावेदारों की अनदेखी पार्टी को भारी पड़ गई।
शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान भाई वीरेंद्र ने कहा कि गलत रणनीति और टिकट बंटवारे में हुई चूक के कारण पार्टी को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने विजय मंडल का टिकट काटे जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वर्षों से पार्टी के लिए काम करने वाले नेताओं को दरकिनार कर दिया गया, जबकि बाहरी और कमजोर उम्मीदवारों को टिकट दे दिया गया।
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भाई वीरेंद्र ने कहा कि जब कार्यकर्ता ही उत्साहित नहीं होंगे, तो उसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वे और विजय मंडल एक साथ विधायक बने थे, लेकिन इस बार विजय मंडल का टिकट काट दिया गया। उन्होंने कहा कि मजबूत और अनुभवी नेताओं को बाहर करने से पार्टी को नुकसान होना तय था।
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अपने पूरे बयान में भाई वीरेंद्र ने कहा कि मामला सिर्फ एक सीट या एक नेता तक सीमित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन जिलों की जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति को दी गई और उन जिलों में पार्टी को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कैमूर, रोहतास और बक्सर जिलों का जिक्र करते हुए कहा कि बक्सर से पार्टी सिर्फ एक सीट जीत पाई, जिसकी जांच होनी चाहिए कि जिम्मेदारी किन लोगों के पास थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बगावत नहीं कर रहे हैं, बल्कि सच्चाई सामने रख रहे हैं। भाई वीरेंद्र ने कहा कि वे समाजवादी पृष्ठभूमि से आते हैं और पार्टी के लिए संघर्ष करते रहे हैं, लाठियां खाई हैं और जेल भी गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए गलतियों को स्वीकार करना जरूरी है।
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भाई वीरेंद्र के बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि आरजेडी विधायक द्वारा टिकट वितरण पर सवाल उठाना पार्टी के अंदरूनी कलह को दर्शाता है। वहीं जदयू प्रवक्ता महेश दास ने कहा कि तेजस्वी यादव हार की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते, लेकिन अब उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता यह कह रहे हैं कि पैसे और गलत आधार पर टिकट देने से हार तय हो जाती है।